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नरसिंह नगरी में चर्चा में आये पर्चों ने छीना सुकून

खास खबर            Oct 25, 2017


नरसिंहपुर से समीर खान।
यह पांचवा मौका है जब मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की नरसिंह नगरी में पर्चे की हवा पर चर्चा है। जबसे पर्चा, चर्चा में आया है लोगों का सुकून छिन गया है। चर्चा इसलिए भी हो रही हर बार छपे और बांटे गए पर्चों की तरह इस पर्चे में भी पहचान गुप्त रखी गई है जिससे अपने, अपनों पर गहरा शक करने लगे हैं। वैसे यह पर्चे जब भी चर्चे में आए हैं इसने आराम के ख़र्चे बढाए हैं।

कुछ साल पहले की बात है, एक रंगीन पर्चा काफी सुर्ख़ियों में रहा। यह पर्चा नगर के एक पूर्व जनप्रतिनिधि की अधेड़ उम्र की रासलीला को लेकर जुबान पर चटखारे लेते लोगों के दिमागों पर छाया रहा। भाजपा इस तरह के पर्चों से काफी हलाकान और चिंतित रही है। कई बैठकें हुईं, चिंतन हुआ पर पर्चा वाला किसी को न मिला। जब भी यह पर्चे बाजार में आए कोई नया सच बयां कर गए। समय बीता और पर्चा, चर्चा से गुम हो गया।

दुबारा पर्चा फिर लोगों के हाथ दिखाई दिया। इस बार भी पहले की तरह लोग दबी जुबान से बातें करते। यहाँ तक कि जिसके हाथ भी यह पर्चा लगा उसने उसे बंदर छाप सिक्के की तरह दबाकर रख लिया। इस पर्चे में भी नगर की एक खूबसूरत महिला के एक रसूखदार से संबंधों के कई राज बेपर्दा हो गए। इसी सम्बन्ध में तीसरे बार फिर किसी अज्ञात ने पर्चे छापकर बड़ा दुष्प्रचार किया।

चौथा पर्चा जब आया तो भाजपा की नींद उड़ गई और नेता सकते में आ गए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित नरसिंहपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र फौजदार को जान से मारने की धमकी के साथ उनका सिर लाने वाले को इनाम से नवाजे जाने की बात किसी सिरफिरे ने पर्चे में छपवाकर शहर की कई दीवारों पर चस्पा कर दिए और बकायदा फर्जी नाम भी डाल दिया खलीफा।

इसकी शिकायत थाना कोतवाली नरसिंहपुर में दर्ज कराई गई जो अब तक जाँच में है। अब हाल ही में एक पांचवा पर्चा लोगों के बीच चर्चाओं में है। शहर में नशामुक्ति मंच के माध्यम से अलख जगाने वाले कुछ युवकों के आंदोलन को छीनने और जिले के विधायकों पर अवैध शराब सहित रेत के अवैध उत्खनन को संरक्षण दिए जाने जैसे सनसनीखेज आरोपों से तरबतर एक पर्चा बाजार में घूम रहा है।

यह कहाँ कैसे और किसके द्वारा आया यह तो जांच का विषय है पर पर्चे के माध्यम से इस तरह विधायकों पर गम्भीर आरोप लगाए जाने की बात का भाजपा विरोध तक नहीं कर पा रही है। जिससे यह माना जा रहा है कि भाजपा के अंदरखानों में दूसरा गुट मंद-मन्द मुस्कुराकर मजे ले रहा है। नारद की मानें तो विधायकों और नशामुक्ति मंच की छवि को धूमिल करने का यह प्रयास किसी गैर का नहीं इसमें मंच और भाजपा के करीबी ही शामिल हो सकते हैं।

फिलहाल यह पर्चा ख़ास चर्चा में शामिल हो गया है, लेकिन पर्चे में लिखी इबारत से साफ़ हो गया है कि आने वाले चुनावों में यह पर्चा बड़े चुनावी मुद्दे के रूप में शामिल होगा। वहीं बिना किसी पहचान के जारी किए गए इस पर्चे ने नशामुक्ति मंच के सदस्यों की नींद हराम कर दी है, लेकिन मंच के लोग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं जिससे पर्चा छपवाने वाले तत्वों की मंशा को बल मिल रहा है। फिलहाल तो इस पर्चे ने जिले की राजनैतिक और सामाजिक गली में भूचाल ला दिया है और इस भूचाल में अवैध शराब, अवैध रेत उत्खनन, जुआं-सट्टा, गांजा-स्मैक जैसे बड़े जनहित के मुद्दे गुम हो गए हैं।

 


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