कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती है इसलिए 70 साल मुस्लिम महिलाओं की सुध नहीं ली

राजनीति            Oct 16, 2018


मल्हार मीडिया ब्यूरो जबलपुर।
कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करती है। इसीलिए उसे पिछले 70 सालों में देश की मुस्लिम महिलाओं की पुकार सुनाई नहीं दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इन महिलाओं की तकलीफों को समझा और एक झटके में ट्रिपल तलाक के विरोध में कानून बना दिया। कार्यकर्ता जब संपर्क के लिए जाएं, तो लोगों को कांग्रेस की इस असंवेदनशीलता के बारे में जरूर बताएं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जबलपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।


मध्यप्रदेश के जबलपुर संभाग के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के आधार पर चुनाव लड़ती और जीतती है। यह इकलौती पार्टी है, जिसे कार्यकर्ता जिताते हैं, बाकी पार्टियों में तो नेता चुनाव लड़ते हैं। श्री शाह ने कहा कि 1950 में पार्टी जब जनसंघ के रूप में शुरू हुई, तब हमारे नेता हारने के लिए चुनाव लड़ते थे। उस समय जब चुनाव में किसी उम्मीदवार की जमानत बच जाती थी, तो खुशियां मनाई जाती थी। आज भाजपा 11 करोड़ सदस्यों वाली सबसे बडी पार्टी है। 1800 विधायक, 330 सांसद हैं और कई राज्यों समेत केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। कई लोग इसे पार्टी का सर्वोच्च शिखर बताते हैं, लेकिन शहीद शंकरशाह, रघुनाथ शाह की जमीन पर खड़ा होकर मैं यह मानता हूं कि यह हमारा सर्वोच्च नहीं है। सर्वोच्च तब होगा, जब हम बंगाल, उड़ीसा, आंध्र, तेलंगाना और केरल में सरकारें बनाएंगे।


श्री शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में यह माना जाता है कि बाप जो छोड़कर जाए, बेटे को उसे आगे बढ़ाना चाहिए। इस हिसाब से प्रदेश में हमारी सरकार बनाने का काम तो स्व. कुशाभाऊ ठाकरे ही कर गए थे। अब हमें उससे भी आगे की बात सोचनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि अब कार्यकर्ता सिर्फ सरकार बनाने की नहीं, कांग्रेस को जड़ से उखाड़ने की, उसका नामो निशान मिटा देने की बात सोचें।

श्री शाह ने कहा कि जिन राज्यों में अभी हमारी सरकारें नहीं हैं, वहां भी पार्टी संगठन खड़ा हो रहा है और ऐसे सभी राज्यों की नजरें मध्यप्रदेश के चुनाव पर हैं। इसलिए कार्यकर्ता यहां से ऐसी हवा बनाएं कि वो दिल्ली तक पहुंचते-पहुंचते आंधी बन जाए और बंगाल तक पहुंचते-पहुंचते सुनामी बनकर पूरे देश में फैल जाए। श्री शाह ने कहा कि यह रानी दुर्गावती, शंकरशाह, रघुनाथशाह जैसे स्वतंत्रता और अपने संकल्प पर मर मिटने वाले वीरों की भूमि है, जिनकी कहानियां पूरे देश को प्रेरणा देती हैं। ऐसे में यहां के कार्यकर्ताओं को भी संकल्प पूरा होने तक आराम करने का अधिकार नहीं है। श्री शाह ने कहा कि कार्यकर्ता जीत के जज्बे और जुनून के साथ चुनाव मैदान में जाएं।

श्री शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल बाबा आजकल दिनदहाड़े खुली आंख से सपने देख रहे हैं। देश में चैदह चुनाव हारने के बाद राहुल बाबा कुशाभाऊ ठाकरे की कर्मभूमि पर जीत हासिल करने का सपना देख रहे हैं। राहुल बाबा, मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी का गढ़ है। यहां पिछले 15 सालों से पार्टी की सरकार है और अब वह अंगद के पांव की तरह जम चुकी है। श्री शाह ने कहा कि राहुल बाबा, आपको मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का सपना देखने का भी हक नहीं है।

इस उम्र में इतनी जोर से बोलना ठीक नहीं कमलनाथ

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शाह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आजकल राहुल बाबा को देखकर कमलनाथ भी जोश में आ रहे हैं और बहुत ऊंची आवाज में सवाल कर रहे हैं। श्री शाह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि इस उम्र में इतनी जोर से बोलना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ मैं आपसे हिसाब पूछता हूं। केंद्र में यूपीए के सरकार 10 सालों तक रही। इन 10 सालों में कांग्रेस सरकारों ने प्रदेश के साथ जो अन्याय किया है, उसकी भरपाई कौन करेगा?


श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय में देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं थी। पाकिस्तानी हमारे सैनिकों के सिर काटकर ले जाते थे। उड़ी में जब सैनिकों पर हमला हुआ, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के आदेश पर हमारे सैनिकों ने पाकिस्तानियों को उनके घर में घुसकर मारा। लेकिन कांग्रेस और राहुल बाबा ने इस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हमारी सरकार पर सैनिकों के खून की दलाली के आरोप लगाए। श्री शाह ने पूछा कि सैनिकों की शहादत पर सवाल उठाने वाले राहुल बाबा कभी किसी शहीद की विधवा या उसके बच्चों से मिले हो। श्री शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से पहले सिर्फ अमेरिका और इजरायल ही अपनी सैनिकों की हत्या का बदला लेने वाले देश थे, लेकिन अब भारत भी इस सूची में तीसरा देश बन गया है।

 



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