मल्हार मीडिया डेस्क
कानपुर न्यूज़ नेशन के रीजनल चैनल न्यूज़ स्टेट के ईस्टर्न यूपी के जनरल मैनेजर सेल्स रोहित सक्सेना को यहां बाबूपुरवा पुलिस ने अशांति फ़ैलाने, धमकी देने, धन उगाही करने, और शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर रात भर थाने के लॉकअप में रखा। दूसरे दिन जमानत पर छोड़ दिया।
रोहित सक्सेना कानपुर में अपनी गलत गतिविधियों, ख़राब छवि, दबंगई तथा धमकी देने के लिए चर्चाओं में रहते हैं। ट्रांसपोर्टर अखिलेश मिश्रा के साथ छह दिन पहले उन्हें इन्ही कारणों से पुलिस ने बाबूपुरवा थाने में क्रिमिनल केस दर्ज कर लॉकअप में पाबंद किया। बताया जाता है कि आजकल खुद भी धन उगाही में लिप्त न्यूज़ नेशन के लोकल रिपोर्टर और एक विधायक की पैरवी के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ा गया।
बताया जाता है कि यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हुआ है। इससे पहले भी ज़ी न्यूज़ के समय 2013 में धमकी देने, पिस्तौल दिखाने, धन उगाही करने के मामले में रोहित को ज़ी न्यूज़ ने समस्त न्यूज़पेपर में फोटो प्रिंट करके कंपनी से टर्मिनेट किया था। उस समय रोहित को सपोर्ट करने में अन्य टॉप लोगों को भी हटाया गया था। न्यूज़ नेशन में रोहित अपने को अभय ओझा और रंजीत कुमार का ख़ास बताकर सब पर रोब झाड़ते रहते हैं। न्यूज नेशन प्रबंधन उन्हें क्यों इस तरह संरक्षित किए हुए है, इसको लेकर ऊपर बैठे कुछ अधिकारियों पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।
भडास4मीडिया को मिले एक टीवी पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित।
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