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कसाब की तारीफ करने वाले अधिकारी को कमलनाथ सरकार ने बनाया एसआईटी चीफ

खास खबर            Oct 05, 2019


मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्यप्रदेश के हनीट्रैप कांड की जांच पटरी पर आ ही रही थी कि मख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी और एसआईटी प्रमुख के साथ इस पूरे मामले को लेकर बैठक की और 1 अक्टूबर को कई पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के साथ ही एसआईटी प्रमुख भी बदल दिया गया।

जारी आदेश में विशेष पुलिस महानिदेशक सायबर क्राइम राजेन्द्र कुमार को इसकी कमान सौंपी गई। उनके साथ दो सदस्यों के रूप में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मिलिंद कानस्कर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रूचि वर्धन मिश्रा को इस टीम में रखा गया।

एसआईटी के प्रमुख राजेन्द्र कुमार वही पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने मुम्बई आतंकी हमले में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल अमिर कसाब की प्रशंसा की थी।

गौरतलब है कि राजेन्द्र कुमार ने साल 2010 में एसएएफ प्रशिक्षण शिविर में पुलिस जवानों को पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब से सीख लेने की बात कही थी। साथ ही राजेन्द्र कुमार ने पुलिस जवानों को जूनून के साथ काम करने के लिए आतंकी कसाब का उदाहरण दिया था।

उन्होंने कहा था कि अगर आप अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं...जिसका उदाहरण पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब है। उसने कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी और उसके पास सिर्फ एक साल का प्रशिक्षण था। इसके साथ ही वह हथियारों और गैजेट्स और जीपीएस उपकरणों को संचालित कर सकता था। क्योंकि उसमें जुनून था और उसने बहुत अच्छा प्रशिक्षण लिया था।

जिसके बाद सरकार ने संज्ञान लेते हुए उनका तबादला पुलिस मुख्यालय भोपाल कर दिया गया था। हालांकि बाद में राजेन्द्र कुमार ने सफाई देते हुए कहा था कि 26/11 को मुम्बई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल में लोगों की हत्या करने वाला आतंकवादी का उदाहरण देने का मकसद सिर्फ जवनों को शूटिंग के क्षेत्र में प्रेरित करना था, ताकि वे आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें।


यहां एक बात गौर करने वाली है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री जी कहकर संबोधन देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लोग ट्रोल करते हुए उन पर आपत्ति लेते हैं, तो दूसरी ओर कथित हनीट्रैप ब्लैकमेंलिंग कांड की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख राजेन्द्र कुमार को लेकर लोग चुप्पी साधे हुए हैं।

अगर समाज में ऐसे उदाहरण दिए जाएंगे तो समाज किस दिशा की तरफ बढ़ेगा। आप सभी इस बात को भलीभांति समझते हैं कि अजमल आमिर कसाब ने कई बेगुनाहों की हत्या कर दी थी।

भले ही इस मामले को प्रदेश की कमलनाथ सरकार और विपक्षी दल गंभीरता से न लेते हों लेकिन एक राजनीतिक व्यक्ति और एक प्रशासनिक अधिकारी के विचारों पर उनका दोहरा रवैया कहीं से भी उचित नहीं जान पड़ता।

वहीं अपनी ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा के लिए एक अलग पहचान रखने वाले आईपीएस अधिकारी संजीव शमी को विशेष जाँच दल से हटाने और पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब के प्रशंसक रहे राजेन्द्र कुमार को एसआईटी का जिम्मा सौंपे जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिससे पार पाना कमलनाथ सरकार को आने वाले दिनों में भारी पड़ सकता है।


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