मल्हार मीडिया ब्यूरो।
मध्यप्रदेश के नरसिंपुर पुलिस ने साइबर अपराधों के एक नेटवर्क का खुलासा किया है। नरसिंहपुर में अब तक कुल 180 बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस द्वारा विशेष कार्रवाई करते हुए अब तक 35 म्यूल अकाउंट बंद कराए गए हैं तथा 17 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कार्रवाई के दौरान 9 पासबुक, 4 एटीएम कार्ड एवं 9 मोबाइल फोन भी जप्त किए गए हैं।
पुलिस को प्राप्त शिकायतों में यह जानकारी सामने आई थी कि कुछ व्यक्ति आम नागरिकों को छोटे-मोटे आर्थिक लाभ का लालच देकर या बहला-फुसलाकर उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इन खातों का उपयोग प्रदेश के भीतर और बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्रॉड तथा सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों से प्राप्त धनराशि के अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर उसे छिपाने और आगे उपयोग करने का प्रयास किया जाता था।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा मामले की गहन जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया तथा तकनीकी माध्यमों के उपयोग से संदिग्ध व्यक्तियों, बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी एकत्र कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए। गठित टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग डाटा और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर विभिन्न बैंकों से खातों का विवरण प्राप्त कर उनका बारीकी से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान खातों की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए यह तथ्य सामने आया कि जिले में कई व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि इन म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म में जमा किया जाता था और बाद में आरोपी उक्त राशि को अन्य खातों में स्थानांतरित कर या नकद निकालकर उपयोग कर लेते थे। पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए सभी संदिग्ध खातों में लेन-देन रोकने के लिए संबंधित बैंकों को पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूरे प्रकरण में अभी विस्तृत विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई के दौरान थाना स्टेशनगंज, गाडरवाड़ा एवं करेली क्षेत्र से जुड़े कुल 17 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
नरसिंहपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। नरसिंहपुर पुलिस ने पिछले एक वर्ष में साइबर फ्रॉड से संबंधित मामलों में लगभग 45 लाख रुपये की राशि पर होल्ड लगवाया गया। साथ ही लगभग 53 लाख रुपये की राशि पीड़ित खाताधारकों को वापस दिलाई गई है।
उक्त कार्रवाई में नरसिंहपुर पुलिस की विशेष टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका निभाई गई।
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