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खाद्य-पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश

समाचार            Aug 30, 2019


मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एस.आर. मोहन्ती ने कहा है कि खाद्य-पदार्थों में मिलावटखोरी मानव जीवन और स्वास्थ्य के प्रति जघन्य अपराध से कम नहीं है।

मध्यप्रदेश को मिलावट-मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध नियमित रूप से प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव ने यह निर्देश जबलपुर संभाग के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में संभागीय समीक्षा के दौरान दिए।

श्री मोहंती ने आरसीएमएस में दर्ज राजस्व प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म काल में पेयजल का संकट उत्पन्न न हो, इसकी कार्ययोजना अभी से तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने जिलों में वर्षा और अतिवृष्टि-राहत तथा फसलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आपदा-प्रबंधन के उपायों के चलते अतिवृष्टि और बाढ़ से ज्यादा क्षति नहीं हुई है।

सभी कलेक्टर खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की आवश्यक तैयारियाँ अभी से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि खरीफ और रबी की समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी स्थिति में नान एफएक्यू जिन्स की खरीदी नहीं की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने आरसीएमएस पर दर्ज राजस्व प्रकरणों के जिलेवार पंजीयन और निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी 3 माह के भीतर पंजीकृत होने वाले राजस्व प्रकरणों की तुलना में अधिकाधिक संख्या में प्रतिमाह निराकरण भी दर्ज हो। उन्होंने जिलेवार खरीफ फसलों की बोनी, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण तथा रबी फसल के लिये अग्रिम खाद भण्डारण के बारे में भी जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में वनाधिकार के पट्टों के अमान्य दावों और शासन के निर्देशानुसार अमान्य दावों के ऑनलाईन पुनर्सत्यापन कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही वनाधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिये। वनमित्र सॉफ्टवेयर द्वारा अमान्य दावों के सत्यापन और हितग्राहियों के दावे के साक्ष्य के लिये संबंधित क्षेत्र और ग्राम सभाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाये। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सीएम मॉनिट के प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी माह के त्यौहारों के मद्देनजर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समन्वित रूप से कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत रखें। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपना इन्फॉरमेशन नेटवर्क भी मजबूत बनाये रखें।

मुख्य सचिव ने संभाग के प्रत्येक जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर सख्त कार्यवाही की जाये।

सांसद श्री तन्खा ने सौंपा जबलपुर का विजन डाक्यूमेंट सौंपा गया राज्य सभा सदस्य श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने मुख्य सचिव को जबलपुर के चहुँमुखी विकास का "विजन डाक्यूमेंट" सौंपा।

वहीं प्रदेश में शुद्ध के लिये युद्ध अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अब तक कुल 4 हजार 51 नमूने जांच हेतु लिये गये हैं।

उक्त नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के उपरांत 723 नमूनों के जांच प्रतिवेदन जारी कर दिए गये हैं।

इनमें से 277 नमूने अवमानक, 27 नमूने मिथ्याछाप, 23 अपद्रव्य, 16 नमूने असुरक्षित और 6 नमूने प्रतिबंधित श्रेणी के घोषित किये गये हैं।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नीमच जिले में एक बड़ी कार्यवाही में 9 हजार 95 किलो सोयाबीन तेल, 3 हजार 450 किलो रिफाइन्ड़ पॉम ऑयल तथा 412 रियूज्ड़ टीन जब्त किये गये। इन खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत 10 लाख रूपये से अधिक है।

 


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