मल्हार मीडिया डेस्क।
कमजोर वर्ग के लोगों का बुढ़ापा अक्सर संकटों से घिर जाता है. ऐसे लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से साल 2015 में अटल पेंशन योजना शुरू की गई थी. कोई भी आयकरदाता या इस तरह की दूसरी स्कीमों का फायदा लेने वाला इस योजना का हिस्सा नहीं हो सकता है.
इसके बावजूद 14 लाख इनकम टैक्सपेयर्स इसका लाभ लेते पाए गए हैं. वहीं 13 लाख से अधिक लोग ऐसे भी मिले हैं जो पहले से दूसरी स्कीमों का लाभ ले रहे हैं. यानी कुल 28 लाख 12 हजार अपात्र लोग पेंशन उठा रहे हैं.
हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई. इसमें खुलासा हुआ कि बड़े पैमाने पर अयोग्य लोग अटल पेंशन योजना में पंजीकृत हैं. उन्हें पेंशन भी मिल रही है. CAG ने केंद्र सरकार से अयोग्य लोगों को इस योजना से बाहर करने की सिफारिश की है. इसके अलावा लाभार्थियों की निगरानी के लिए सेबी और IRDAI जैसी इकाई बनाने पर भी जोर दिया है.
राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी रिपोर्ट : 12 अगस्त 2026 को जारी यह रिपोर्ट संविधान के आर्टिकल 151 के तहत देश के राष्ट्रपति को सौंपने के लिए तैयार की गई है. यह रिपोर्ट परफॉर्मेंस ऑडिटिंग गाइडलाइंस 2014 और ऑडिट व अकाउंट्स रेगुलेशन 2020 के तहत तैयार की गई है. इसमें अप्रैल 2017 से लेकर मार्च 2024 तक के 7 सालों की जानकारियों को शामिल किया गया है. इस रिपोर्ट का मकसद यह देखना रहा कि इस सेक्टर ने इतने वर्षों में कैसा काम किया.
कुल लाभार्थियों में 14,14, 947 लोग टैक्स पेयर : CAG की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2022 तक अटल पेंशन स्कीम में पंजीकृत कुल लाभार्थियों की संख्या 4 करोड़ 6 लाख से भी पार हो गई. इस दौरान तक कुल लाभार्थियों में 14 लाख 14 हजार 947 लोग आयकरदाता पाए गए. जबकि 13 लाख 67 हजार 80 लोग ऐसे भी शामिल रहे जो पहले से इस तरह की दूसरी सुरक्षा स्कीमों का भी लाभ उठा रहे थे. इनमें 4 लाख लोग ऐसे हैं जो टैक्सपेयर्स भी है और दूसरी स्कीमों का लाभ भी ले रहे हैं.
स्कीम की शुरुआत में 24 लाख लोग जुड़े थे : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में अटल पेंशन योजना की शुरुआत की गई थी. उस दौरान 2015-16 के दौरान कुल 24 लाख 84 हजार 895 लोग इससे जुड़े थे. उस दौरान भी कुल लाभार्थियों में 1 लाख 91 हजार 409 आयकरदाता थे. शुरुआत में योजना का लाभ पाने की शर्तों में उम्र सीमा समेत अन्य नियम तय किए गए थे, लेकिन टैक्सपेयर्स को लेकर कोई स्पष्ट गाइड लाइन नहीं थी. साल 2022 में इसे लेकर स्थिति साफ की गई. तब से कोई टैक्सपेयर इस स्कीम के लिए पात्र नहीं माना जाता है.
आवेदक की नहीं कराई गई क्रॉस चेकिंग : कैग की रिपोर्ट में अटल पेंशन योजना (APY) में अयोग्य लोगों के शामिल होने की वजह भी बताई गई है. इसके अनुसार आवेदन के समय लोगों ने जो जानकारी दी, केवल उसी पर भरोसा कर लिया गया. उनकी ओर से दी गई जानकारियों की क्रॉस चेकिंग नहीं कराई गई. जांच प्रक्रिया के ढीले होने से आवेदकों ने खुद को लेकर जो घोषणाएं कीं, उसी के आधार पर उन्हें योजना का पात्र मान लिया गया.
गलती की पूरी जिम्मेदारी लाभार्थी की : डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने सफाई दी है कि अटल पेंशन योजना के तहत लाभ पाने के लिए की गई इस गड़बड़ी के लिए लाभार्थी ही जिम्मेदार हैं. नियमों के मुताबिक आवेदकों को ही लिखकर देना होता है जो भी जानकारी वे दे रहे हैं, वे पूरी तरह सही हैं. टैक्सपेयर होने या किसी तरह का अन्य बदलाव आने पर उन्हें तुरंत संबंधित बैंक को यह सूचना देनी होगी. यानी भविष्य में ऐसे अपात्रों से पेंशन की रिकवरी भी कराई जा सकती है.
देश के किस वर्ग के लिए कौन सी पेंशन योजना? : देशभर में अलग-अलग वर्ग के लिए अलग-अलग पेंशन स्कीमें चल रहीं हैं. सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम, नेशनल पेंशन सिस्टम, एकीकृत पेंशन योजना, रक्षा पेंशन स्कीमें हैं. वहीं प्राइवेट कर्मियों समेत अन्य लोगों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना, कॉर्पोरेट राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली है. इसके अलावा नेशनल पेंशन सिस्टम (सभी नागरिक मॉडल), नाबालिगों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम वात्सल्य, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और राज्य-स्तरीय सामाजिक पेंशन योजनाएं हैं.
10 साल में देशभर में पेंशन कवरेज में तेजी से इजाफा : प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो के मुताबिक देशभर में पिछले 10 साल में पेंशन का कवरेज तेजी से बढ़ा है. सरकार की बड़ी पेंशन स्कीमों का लाभ उठाने के लिए लोग में रुझान बढ़ा है. डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने और तमाम सुधारों के कारण इस सेक्टर ने तेजी से विकास किया है. विभिन्न सेक्टरों में जैसे-जैसे कामकाजी लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उसी तरह पेंशन में भागीदारी भी जरूरी हो गई है.
एनपीएस के 2 करोड़ से ज्यादा मेंबर : पीआईबी के अनुसार एनपीएस (National Pension System) और एपीवाई (अटल पेंशन योजना) मिलकर देशभर के पेंशन सिस्टम को मजबूती दे रहे हैं. साल 2026 में मार्च तक एनपीएस ने 2.17 करोड़ से ज्यादा सदस्यों का दायरा पार कर लिया. इसी तरह एपीवाई के नामांकन में भी इजाफा हुआ है. इसी तरह EPS यानी Employees' Pension Scheme के भी अप्रैल 2026 तक 7.89 करोड़ सदस्य पूरे हो चुके हैं.
अटल पेंशन योजना में कैसे मिलता है लाभ? : पीआईबी के अनुसार अटल पेंशन योजना को किसी व्यक्ति को पूरा सुरक्षा कवच देने के मकसद से तैयार किया गया है. इसमें 60 साल के बाद एक हजार से लेकर 5 हजार तक की गारंटीशुदा पेंशन मिलती है. पेंशनर्स की मौत के बाद जीवित पति या पत्नी को पेंशन का लाभ मिलता है. वहीं अगर दोनों की ही मौत हो जाए तो नॉमिनी को पूरा जमा पैसा लौटा दिया जाता है.
इनपुट पीआईबी
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