मल्हार मीडिया ब्यूरो।
एयर होस्टेस से डीएसपी बनी कटनी की चर्चित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को सीएम के आदेश के बाद निलंबित कर दिया है। उनके साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड किया गया है। उन पर हत्या की जांच में लापरवाही सहित जमीन के सौदे में भ्रष्टाचार व रिश्वत जैसे आरोप लगे हैं। 24 घंटे पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी।
हत्या के अपराध की जांच में लापरवाही कर आरोपी पक्ष पर दबाव बनाकर उनकी औने-पौने भाव में जमीन खरीदने तथा अवैध वसूली के आरोप में कटनी जिले के कुठला थाने में महिला सीएसपी नेहा पच्चीसिया व दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विभाग स्तर पर कार्यवाही करते हुए महिला सीएसपी सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
जमीन खरीद में कथित धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के गंभीर आरोपों में कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को सीएसपी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने को कहा गया है।
FIR के बाद CSP कार्यालय सील
मामला दर्ज होने के अगले दिन शुक्रवार सुबह पुलिस टीम सीएसपी कार्यालय पहुंची और उनके कक्ष के साथ स्टाफ रूम को भी सील कर दिया। माना जा रहा है कि कार्यालय में प्रकरण से जुड़े दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री हो सकती है, जिसकी जांच के दौरान जरूरत पड़ सकती है।
पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की चर्चा
प्रकरण सामने आने के बाद रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, एसआई सौरभ सोनी, सीएसपी के रीडर, गनमैन और चालक को निलंबित किए जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन कार्रवाइयों को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
करोड़ों की जमीन 18 लाख में खरीदने का आरोप
जांच के बाद गुरुवार को कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को महज 18 लाख रुपये में खरीदने के मामले में धोखाधड़ी की गई। इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में आपराधिक षड्यंत्र रचने समेत अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
मामले में नेहा पच्चीसिया के साथ मारूफ अहमद और क्षितिज राज को भी आरोपित बनाया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद देर रात तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि सीएसपी समेत अन्य आरोपित फिलहाल सामने नहीं आए हैं, जबकि उनके सरकारी आवास पर केवल स्टाफ मौजूद है।
प्रकरण में सीएसपी कार्यालय को सील किए जाने और मुख्यमंत्री के स्तर से निलंबन के निर्देश के बाद पुलिस विभाग में मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर सभी की नजर है।
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