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प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले राहुल, प्रधानमंत्री माफी मांगें, यह छात्रों की जीत

राष्ट्रीय            Jul 25, 2026


 मल्हार मीडिया ब्यूरो।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आंदोलन समाप्ति के एलान और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती थी, उस पर पिछले कुछ वर्षों में लगातार हमले किए गए हैं, उस पर कब्जा कर लिया गया है और उसका निजीकरण कर दिया गया है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के छात्रों की जीत है और शिक्षा प्रणाली की रक्षा की एक बड़ी प्रतिक्रिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जो शिक्षा प्रणाली कभी भारत की शान हुआ करती थी, उस पर पिछले कुछ वर्षों से लगातार हमले हो रहे हैं, उसका व्यवसायीकरण किया जा रहा है और उस पर वैचारिक कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने निवर्तमान शिक्षा मंत्री को इस प्रशासनिक नाकामी, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था के विनाश का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जाना सही कदम है, लेकिन समस्या केवल एक व्यक्ति के हटने से खत्म नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर हिंसा के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को नियंत्रित करना एक गंभीर मुद्दा है और इसके लिए सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि संघ भी उतना ही जिम्मेदार है। शिक्षा व्यवस्था अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है और इसे ठीक करने के लिए कड़े व बुनियादी कदम उठाने की ज़रूरत है।

इसके साथ ही उन्होंने छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और अत्याचार करने वाले अधिकारियों व आयोजकों पर ऐसी सख्त और पारदर्शी कार्रवाई हो जो सभी को दिखे।

 अंत में उन्होंने मांग की कि इस पूरे संकट और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के लिए मुख्य सूत्रधार के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर हिंसा के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं।

 



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