मल्हार मीडिया ब्यूरो।
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां गरोठ एसडीएम राहुल चौहान पर उनकी पत्नी ने दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाया है। जिसको लेकर इंदौर के महिला थाने ने एसडीएम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
पत्नी ने आरोप लगाया है कि अधिकारी होने के कारण अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रहा था। वहीं, एसडीएम राहुल चौहान ने कहा कि वो नहीं मैं प्रताड़ित हूं। एक करोड़ रुपए मुझे से मांगे गए। मैंने तीन साल पहले न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन दिया था।
निर्मला चौहान ने इंदौर के महिला थाने में एसडीएम पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में महिला ने आरोप लगाए हैं कि हमारी शादी 16 दिसंबर 2018 में हुई थी। मेरी मां ने उनकी क्षमता के अनुसार गृहस्थी का सामान दिया।
शादी को कुछ ही घंटे बीते थे कि मेरे पति राहुल चौहान ने दहेज के लिए प्रताडि़त करना शुरु कर दिया। शादी के कुछ दिन बाद मेरी मां ने जमीन रजिस्ट्री के लिए 50 हजार मेरे ससुर को दिए थे।
इसके बाद मैं मेरे पति के साथ खरगोन रहने लगी। मेरे पति मुझे दिल्ली ले गए, क्योंकि उनको यूपीएससी की तैयारी करना थी। वहां पर भी मेरे साथ मारपीट की।
महिला ने बताया कि 31 जुलाई को मुझे मेरी मां के पास छोड़कर चले गए। मेरे पति ने दहेज की बात को लेकर मेरा फोन भी तोड़ दिया। मेरे साथ मारपीट की गई।
मैंने खरगोन थाने में शिकायत दर्ज कराई। खरगोन में परामर्श केंद्र में दो तीन बार समझौता का प्रयास किया, लेकिन पति ने मना कर दिया। निर्मला चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि साल 2020 में गर्भावस्था के दौरान पति ने मुझे प्रताड़ित किया।
जिससे मिसकेरेज हो गया। मेरा इलाज इंदौर अस्पताल में चला।
एसडीएम गरोठ ने अपनी फेसबुक पर आईडी बना रखी है। साल 2018 में निर्मला चौहान और राहुल चौहान की मित्रता फेसबुक के जरिए हुई। उसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत हुई और देखते ही देखते दोनों को प्यार हो गया।
दोनों ने एक-दूसरे के घर पर बताया और उसके बाद दोनों परिवारों के मंजूरी के बाद दोनों ने अंतरजातीय विवाह किया।
इधर, एसडीएम राहुल चौहान ने आरोप लगाया है कि 3.5 साल से अलग रह रहा हूं। वो प्रताडि़त नहीं है। इन्होंने मिलकर मुझे प्रताडि़त किया है। इसलिए तो मैं पहले तलाक के लिए न्यायालय में गया। 15 हजार रुपए भरण पोषण के लिए हर महीने दे रहा हूं।
मुझ से एक करोड़ रुपए मांगे गए और कहा कि रुपए दे दो। मैं पूरे केस वापस ले लूंगी। मैं पूरी नौकरी की तनख्वाह का एक-एक रुपया जोड़ू तो भी एक करोड़ नहीं इकठ्ठा कर पाऊंगा। मुझे जानबूझकर साजिश के तहत मानसिक रुप से परेशान किया जा रहा है।
आगे एसडीएम राहुल चौहान ने कहा कि बांबे हॉस्पिटल में डेंगू और अन्य बीमारी के कारण भर्ती किया गया था। मैंने पूरा खर्चा उठाया। मैंने तलाक का कोर्ट में आवेदन किया। उसके बाद निर्मला के द्वारा थानों में शिकायतें की।
मुझे पर घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया। असल में मुझे प्रताडि़त किया जा रहा है। न्यायालय में मामला है जहां सच सामने आ जाएगा। 2018 में हम फेसबुक के माध्यम से ही मिले। उसके बाद हमारी शादी हुई थी।
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