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पैलेट गन से घायल छात्र के लिए थाने में धरने पर बैठे राहुल,पुलिस पर FIR के बाद ही उठे

राष्ट्रीय            Aug 21, 2026


 मल्हार मीडिया ब्यूरो।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर पैलेट गन से घायल युवक साहिल लोचब के मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह ‘‘न्याय की दिशा में पहला कदम’’ है लेकिन पुलिस पर ‘‘ऊपर से’’ दबाव के कारण प्राथमिकी दर्ज करने में करीब आठ घंटे लगे।

राहुल गांधी के 6 घंटे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र साहिल की FIR दर्ज कर ली। लेकिन मामला अज्ञात पर दर्ज किया गया है। साहिल का आरोप है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई।

FIR दर्ज करवाने तक राहुल संसद मार्ग थाने के बाहर ही बैठे रहे और FIR के बाद छात्र के साथ थाने से निकले। राहुल शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे से थाने पहुंचे थे।

जब राहुल की मांग नहीं मानी गई, तो वे DCP से मिले। बातचीत का नतीजा न निकलने पर धरने पर बैठ गए। बोले- जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, हटूंगा नहीं।

राहुल ने साहिल को लगे छर्रे दिखाकर कहा था- ‘ये छर्रे सबूत हैं, साहिल के शरीर से निकले हैं। अगर पुलिस ने गन नहीं चलाई तो किसने चलाई।'

राहुल गांधी ने थाने से निकलते समय पैलेट गन मामले में FIR दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ऊपर से न्याय में रुकावट डाली जा रही थी। राहुल बोले- यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। इस युवक के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है।

राहुल गांधी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा कि साहिल को पैलेट गन के छर्रे लगे एक महीने हो चुका है और वह देख नहीं पा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस युवक के साथ घोर अन्याय हुआ है।’’

राहुल गांधी का कहना था कि वह और अन्य लोग सुबह करीब 11:30 बजे थाने पहुंचे थे और शाम पौने सात बजे के आसपास प्राथमिकी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यहां कुछ गलत नहीं किया। हमने सिर्फ एक भारतीय नागरिक, उसकी मां और पिता के लिए न्याय मांगा और इसमें आठ घंटे लग गए।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह थाना दिल्ली के बीचोंबीच स्थित है और अगर यहां न्याय मिलने में इतनी देर होती है तो गांव या छोटे शहरों के थानों में क्या स्थिति होती होगी, इसकी कल्पना की जा सकती है।

उन्होंने दावा किया कि प्राथमिकी दर्ज करने की अंतिम मंजूरी ‘‘गृह सचिव और अमित शाह’’ से मिलने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अब आप समझ सकते हैं कि प्राथमिकी दर्ज करने को कौन रोक रहा था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी प्राथमिकी दर्ज करना चाहते थे और अन्य अधिकारी भी ऐसा करना चाहते थे, लेकिन ‘‘न्याय की राह में ब्रेक ऊपर से लगाया जा रहा था।’’

राहुल गांधी ने कहा कि मामले में प्राथिकी दर्ज होना न्याय की दिशा में पहला कदम है।

 



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