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मप्र में अब रोबोट से होगी पाईप लाईन लीकेज की जांच

मध्यप्रदेश            Jan 13, 2026


 मल्हार मीडिया भोपाल।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब मध्यप्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बने टैंकों की निगरानी और सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छ जल अभियान प्रदेश में दो चरण में चलेगा।

हर मंगलवार को जिले में जल सुनवाई की जाएगी। निराकरण के लिए आवेदन करने वालों को अलग से जानकारी देना होगी। अगर कोई अफसर लापरवाही करेगा तो उस पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। रोबोट से पाइप लाइन लीकेज की जांच की जाएगी।

ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए हैं। वे शनिवार को भोपाल के समत्व भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) से बैठक कर रहे थे। इस दौरान जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिए 'स्वच्छ जल अभियान' शुरू किया है। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी वीसी से जुड़े।

इनके अलावा सभी नगर निगम महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, कमिश्नर नगर निगम, सीईओ जिला पंचायत एवं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान बताया कि जल सुनवाई से आम जनता को सुनवाई का हक मिलेगा और साफ पेयजल की सुनिश्चितता बनेगी।

दो चरणों में होगा अभियान का काम

बैठक में बताया कि दो चरणों में अभियान का क्रियान्वयन होगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। अभियान के दौरान सभी जल शोधन यन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई होगी और जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी की जाएगी।

रोबोट से होगी पाइप लाइन लीकेज की जांच

अभियान के दौरान पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की कार्रवाई होगी और जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जाएगी। इसके लिए इंटर पाइंट सेक्शन का चिह्नांकन होगा और लीकेज की जांच की जाएगी।

पाइप लाइन में लीकेज की यह जांच रोबोट से होगी। अभियान के दौरान सभी पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का परीक्षण होगा और अल्पकालीन, दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

आवेदन पत्र का निराकरण समय-सीमा में

बैठक में जानकारी दी गई कि अभियान के दौरान जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया जाएगा और एसटीपी की भी नियमित निगरानी की जाएगी। इसके लिए हर मंगलवार “जल सुनवाई” करने का भी फैसला किया गया है।

सीएम हेल्पलाइन 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था की गई है। पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समय-सीमा में करने को कहा है। इसके निराकरण से आवेदक को अवगत कराया जाएगा।

 


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