
डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी।
ज़रूरी सामग्री Essential Ingredients :
- फिल्म का बजट 200-250 करोड़ का हो। कम से कम दस टक्का पब्लिसिटी /मार्केटिंग में लगाना होगा। सभी बड़े ग्रुप्स से मीडिया बाइंग करनी होगी।
- सोशल मीडिया के कम से कम 1000 इन्फ्लुएंसर्स को पेमेंट करके उनसे कम से कम दस -दस पोस्ट/वीडियो क्ल्पिस/रील्स/मीम्स पोस्ट करवाने होंगे। ध्यान रहे कि इनमें से दस प्रतिशत को एंटी पब्लिसिटी में झोंकना होगा, ताकि लोगों को समझ में न आये।
- जो भी लोग विरोध में लिखें, उन्हें वैसे ही कमेंट से मारा जाए, जैसे डायलॉग फिल्म में हों ! उनकी पोस्ट की बार बार शिकायत हो ताकि वे ब्लॉक कर दिए जाएं।
- फिल्म के एक-एक डायलॉग की मीमांसा करते हुए पोस्ट शेयर किये जाएं और फिर एक-एक कैरेक्टर का महिमामंडन हो।
- यह फिल्म देखना देशप्रेम की निशानी हो। जो फिल्म न देखे, या उसकी निंदा करे, उसे देशद्रोही / अर्बन नक्सल कहा जाये। उसको कमेंट करो कि "तेरी क्यों सुलग रही है?" "बरनोल भेजूं क्या?" "साले, पप्पू के एजेंट" ! "इत्ता ज्ञानी है तो खुद ही बना ले फ़िल्म!" आदि
- हाई-कॉन्सेप्ट स्टोरी हो। देशभक्ति + रिवेंज + स्पाई थ्रिलर का कॉम्बिनेशन। दर्शक को इमोशनल हुक दो। ओटीटी के दर्शकों के लिए गन्दी गन्दी गालियां और हिंसा के सीन भरपूर हों। यही न्यू नॉर्मल है।
- मास ऑडियंस के लिए हाई-वोल्टेज एक्शन, फाइट सीन्स, धमाके, तीखे डायलॉग्स हो।
- सिर्फ एक्शन नहीं — अतीत, बदला, वफादारी, बहुत से ट्विस्ट और टर्न हों। क्लाइमेक्स में बड़ा पे-ऑफ।
- पहली फिल्म हिट हो तो दूसरी में स्केल बढ़ाओ (बड़ा खतरा, ज्यादा स्टार्स)। पेसिंग तेज हो।
- हीरो के रूप में एनर्जेटिक, ट्रांसफॉर्मेटिव एक्टर लो जो रोल में डूब जाए (अंडरकवर एजेंट का लुक, एक्शन, इमोशन सब हैंडल करे)। सपोर्टिंग टीम ऐसी हो जो हीरो जो वेटेज दें।
- अच्छी केमिस्ट्री हो ताकि दर्शक उसमें अपनी छवि देखे। हीरो को मास हीरो फील करे।
- VFX, लोकेशन्स ,अंडरवर्ल्ड जैसा फील, हाई-क्वालिटी एक्शन सीक्वेंस हो। इंटेंस BGM जो एक्शन को और धांसू बना दे। गाने मास अपील वाले हों।
- प्रोडक्शन वैल्यूज इतनी हाई रखो कि फिल्म इवेंट लगे। फिल्म निर्माण के हर चरण का खूब प्रचार करो।
- मार्केटिंग और हाइप बिल्डिंग पर ध्यान दो। यही तो गेम चेंजर है।
- लॉन्ग टर्म कैंपेन चलाओ। ट्रेलर, टीजर, सॉन्ग रिलीज, मेकिंग वीडियो, स्टार इंटरव्यू ये सब सोशल मीडिया पर वायरल बनाओ। फ़िल्मी दुनिया के दूसरे लोगों के कमेंट्स को प्रचारित करो।
- एडवांस बुकिंग का रिकॉर्ड घोषित करो। पेड प्रीमियर रखो और उसके बहुत सरे शो के टिकट दर बहुत ऊँचे रखो।
- मल्टी-लैंग्वेज रिलीज ज़रूरी है। हिंदी के साथ तेलुगु, तमिल आदि वर्जन। पैन-इंडिया अपील।
- पैट्रियॉटिक वाइब का ध्यान रखो . रिलीज टाइमिंग देशभक्ति से जोड़ो।
- डिजिटल + ऑफलाइन: YouTube ट्रेलर मिलियंस व्यूज, मीम्स, चैलेंज, प्रेस कॉन्फ्रेंस, फैन इवेंट्स।
- हाई-कॉन्सेप्ट मार्केटिंग "ये फिल्म फलां स्पाई यूनिवर्स को फिनिश कर देगी" जैसा buzz क्रिएट करो।
- रिलीज स्ट्रैटजी पर ध्यान दो। लांग वीकेंड , हॉलिडे या वीकेंड पर रिलीज। अच्छे थिएटर नंबर और स्क्रीन्स।
- वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी का ध्यान रखो . पहला वीकेंड मासिव होना चाहिए, फिर होल्ड अच्छा रहे।
- ओवरसीज मार्केट पर भी ध्यान रखो। NRI ऑडियंस को टारगेट — अमेरिका, यूके, मिडिल ईस्ट में मजबूत ओपनिंग।
- क्लैश अवॉइड करो। सिंगल बड़े रिलीज पर फोकस।
- एक्स्ट्रा टूल्स (मॉडर्न टाइम के लिए) : डेटा एनालिसिस करो। पिछले हिट्स का बॉक्स ऑफिस डेटा देखो। क्या काम कर रहा है।
- मल्टीप्लेक्स + सिंगल स्क्रीन का बैलेंस बनाओ। मास + क्लास दोनों को अपील करे।
- फ्रैंचाइजी पोटेंशियल : अगर हिट हुई तो अगले पार्ट की स्क्रिप्ट रेडी रखो। फिल्म के अंत में हीरो को फिर से तयारी करते हुए दिखाओ।
- ऑडियंस अब केवल एजेंडा या प्रोपेगंडा नहीं चाहती। "क्वालिटी + एंटरटेनमेंट" चाहती है। सिर्फ स्टार पावर या VFX से काम नहीं चलता।
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