मल्हार मीडिया ब्यूरो।
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने शुक्रवार को 'हनी ट्रैप' मामलों के मुद्दे, मुस्लिम आरक्षण बिल पर हंगामा और सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 18 विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया।
विधेयक को कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एच.के. पाटिल ने पेश किया। विपक्षी भाजपा और JD (S) ने एक मंत्री और अन्य राजनेताओं से जुड़े कथित 'हनी-ट्रैप' प्रयास की न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
भाजपा विधायकों ने सदन के स्पीकर के सामने आकर कागज फाड़कर और फेंककर हंगामा खड़ा कर दिया। विधानसभा से कई बीजेपी नेताओं को जबदस्ती बाहर किया गया।
इंडिया टुडे के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने विधानसभा में एक वित्त विधेयक पेश किया था। भाजपा विधायकों ने गलती से इसे सरकारी ठेकों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का विधेयक समझ लिया और इसकी प्रतियां फाड़कर अध्यक्ष की ओर फेंक दीं।
कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जरकीहोली ने गुरुवार को कहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले कॉर्पोरेशन मंत्री केएन राजन्ना को दो बार हनी ट्रैप का निशाना बनाया गया। हालांकि, हनी ट्रैप की कोशिश नाकाम रही। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि पुलिस में मामला दर्ज कर इसकी गहराई से जांच की जाएगी।
वहीं केएन राजन्ना ने कहा कि सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि पिछले 20 सालों में 48 विधायकों को इस तरह से निशाना बनाया गया है। गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए राजन्ना ने कहा, "ऐसी चर्चा है कि तुमकुरु के एक मंत्री हनी ट्रैप का शिकार हुए हैं। तुमकुरु से हम दो ही लोग हैं, एक मैं हूं और दूसरे गृह मंत्री हैं।"
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