मल्हार मीडिया भोपाल।
हिंदी लेखिका संघ, मध्यप्रदेश, भोपाल की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन रविवार को विश्व संवाद केंद्र, भोपाल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ की पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजश्री रावत ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में संघ की पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार ऊषा जायसवाल उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में संघ की पूर्व अध्यक्ष अनीता सक्सेना तथा डॉ. कुंकुम गुप्ता ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
संघ की वर्तमान अध्यक्ष डॉ. साधना गंगराडे ने सभी अतिथियों एवं सदस्याओं का स्वागत करते हुए गत वर्ष का आय-व्यय विवरण, वार्षिक लेखा-जोखा तथा संस्था की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
सह सचिव शेफालिका श्रीवास्तव ने वर्षभर आयोजित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संस्था की उपलब्धियों से सभी को अवगत कराया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. राजश्री रावत ने कहा कि हिंदी लेखिका संघ की संस्थापक स्वर्गीय सुशीला जी द्वारा बोया गया साहित्यिक बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. साधना गंगराडे के नेतृत्व में संस्था ने गत वर्ष उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं और साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
मुख्य अतिथि ऊषा जायसवाल ने वर्षभर आयोजित नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में सार्थक प्रयास किए हैं। विशिष्ट अतिथियों अनीता सक्सेना एवं डॉ. कुंकुम गुप्ता ने भी संस्था की सक्रियता, नियमित कार्यक्रमों तथा सृजनात्मक वातावरण की प्रशंसा करते हुए पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ कल्पना विजयवर्गीय द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन उपाध्यक्ष वर्षा चौबे ने किया, जबकि उपाध्यक्ष साधना शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
सभा के अंत में हिंदी लेखिका संघ की दिवंगत सदस्य, वरिष्ठ साहित्यकार आशा सक्सेना एवं प्रख्यात व्यंग्यकार विजया तेलंग को दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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