राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी की याचिका खारिज

समाचार            Mar 14, 2018


मल्हार मीडिया ब्यूरो।

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी ए.जी. पेरारीवलन की उस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया जिसमें उसने इस मामले को दोबारा खोले जाने की मांग की थी। पेरारीवलन को 1999 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने परारीवलन की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय के आदेश पर पुनर्विचार करने से इंकार कर दिया। परारीवलन ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या में इस्तेमाल विस्फोटक के लिए दो 9-वोल्ट बैट्री की आपूर्ति की थी।

शीर्ष अदालत ने कहा, "हम इससे संतुष्ट हैं कि अदालत के निर्णय पर दोबारा विचार करने की जरूरत नहीं है। हम इस संबंध में याचिका को खारिज करते हैं।"

सर्वोच्च न्यायालय ने 11 मई 1998 को परारीवलन और छह अन्य के खिलाफ सजा को सही ठहराया था और 8 अक्टूबर 1999 को पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।

परारीवल उन सात दोषियों में शामिल हैं जिसे राजीव गांधी हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।



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