मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। मानव अंग तस्करी की एक सुनियोजित साजिश के तहत 17 वर्षीय किशोर को मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में एक कथित मास्टरमाइंड और तीन नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भोपाल पुलिस के मुताबिक, यह पूरी साजिश एक ऐसे व्यक्ति द्वारा रची गई थी, जिसने खुद को डॉक्टर बताकर कुछ नाबालिगों को अपने जाल में फंसाया और अंग तस्करी के जरिए 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया।
डीसीपी आयुष गुप्ता के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी खुद को डॉक्टर के रूप में पेश करता था और इसी वेशभूषा में नाबालिगों से मिलता था।
उसने अपने मोबाइल में एक वीडियो दिखाकर नाबालिगों को समझाया कि कैसे वे अंग तस्करी के जरिए रातों-रात 2 करोड़ रुपये कमा सकते हैं। इसके लिए उसने उन्हें 15-16 साल के एक किशोर को निशाना बनाने का काम सौंपा। लालच में आकर नाबालिगों ने अपने ही एक परिचित 17 वर्षीय किशोर को फंसाने की योजना बनाई।
आरोपियों ने 6 अगस्त को पीड़ित किशोर को यह कहकर साथ बुलाया कि वे उसे 100 रुपये देंगे और उसे कुछ लड़कों के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए 'खट्टापुरा' चलना होगा। लालच में आकर वह किशोर उनके साथ चला गया।
उसे छोटी तालाब के पास ले जाया गया, जहां रास्ते में दो अन्य आरोपी भी उनके साथ जुड़ गए। ढोबीघाट इलाके में पहुंचकर किशोर की हत्या कर दी गई और उसके शरीर का एक हिस्सा निकाल लिया गया।
आरोपियों का मकसद उस अंग को बेचना था, लेकिन जब वे खरीदार ढूंढने में नाकाम रहे, तो उन्होंने उस अंग को लेक (झील) में फेंक दिया। पुलिस फिलहाल उस अंग की तलाश में जुटी हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के दौरान कथित मास्टरमाइंड फोन के जरिए लगातार नाबालिगों के संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल डेटा खंगाल रही है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं।
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