मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 16 जनवरी को प्रदेश भर के आईपीएस अफसर इकट्ठा हुए।ये अफसर आईपीएस सर्विस मीट 2026 में शामिल होने भोपाल आए हुए हैं।
इस दो दिवसीय आईपीएस सर्विस मीट में पूरे प्रदेश के आईपीएस और MP कैडर के केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पोस्टेड आईपीएस अधिकारी भाग ले रहे हैं।
भारतीय पुलिस सेवा संघ (मध्यप्रदेश) द्वारा आयोजित आईपीएस सर्विस मीट–2026 का शुभारंभ आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुआ।
उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस के शौर्य, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और नक्सलवाद के प्रभावी उन्मूलन को मध्यप्रदेश पुलिस की एक एतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि निजी जीवन एवं परिवार से दूर रहकर नागरिकों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी समाज के प्रति उच्चतम कर्तव्यबोध का परिचय देते हैं और वे सम्मान के पात्र हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2025 के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों एवं भावी प्राथमिकताओं पर विस्तृत संबोधन दिया। उन्होंने नक्सल समस्या के उन्मूलन, डायल–112 सेवा के सुदृढ़ संचालन, ई-जीरो एफआईआर प्रणाली, उत्कृष्ट पुलिस कार्यों, गुमशुदा बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी, सेफ क्लिक अभियान, पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन, नशा मुक्ति अभियान, पुलिस भर्ती बोर्ड की प्रक्रियाओं तथा इन्वेस्टीगेशन अलाउंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही उज्जैन महाकुंभ–2028 की तैयारियों की भी जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ–2028 मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यापक दायित्व होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं व्यवस्था संचालन की बड़ी जिम्मेदारी पुलिस पर रहेगी। श्री मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ–2028 की तैयारियों के संदर्भ में पुलिस बल की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने समयबद्ध एवं योजनाबद्ध भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि कुछ कैडर में लगभग आठ वर्षों के अंतराल के पश्चात भर्ती की जा रही है, जिनमें उप निरीक्षक, सूबेदार, सहायक उप निरीक्षक (लिपिकीय) एवं स्टेनोग्राफर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। पुलिस विभाग द्वारा बल आवश्यकता का विस्तृत विश्लेषण पूर्ण कर लिया गया है तथा आगामी दिनों में भर्ती हेतु आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड की सुदृढ़ व्यवस्था को भी आवश्यक बताया ।
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