मल्हार मीडिया भोपाल।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। इसे लेकर हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को उपस्थित होने के लिए कहा है।
यह सुनवाई हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में हुई है। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में टिप्पणी की है कि घटना की वजह से शहर की छवि को नुकसान पहुंचा है।
दरअसल, इंदौर की पहचान देश के स्वच्छ शहरों में रही है। हाईकोर्ट ने दूषित पानी मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन दूषित पेयजल की वजह से पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है। पीने का पानी ही अगर दूषित हो तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं, कोर्ट ने कहा है कि हम इस पूरे मामले पर राज्य के मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं। यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है।
पूरे इंदौर शहर का पानी सुरक्षित नहीं है। वहीं, हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अगली सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को वर्चुअली हाजिर होने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा में स्थानीय लोगों के अनुसार अभी तक 17 लोगों की मौत दूषित पानी से हुई है। हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक रूप से मौतों का आंकड़ा नहीं जारी की है। घटना के बाद सरकार ने नगर निगम कमिश्नर को हटा दिया।
साथ ही कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। घटना के बाद 31 दिसंबर को हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसके बाद कोर्ट ने साफ पेयजल मुहैया कराने के निर्देश दिए थे।
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