नरसिंहपुर से समीर खान।
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में वर्ष 2012 में क्रय की गई एक मिनी बस शनिवार दोपहर को पलट गई।
बताया जाता है कि इस दुर्घटना में 45 से अधिक लोग घायल हो गए, कुछ लोग घायल नहीं हुए हैं जिनकी संख्या 10-12 हो सकती है, कुल मिलाकर मिनी बस में 50-60 यात्री सवार रहे होंगे।
आपकी जानकारी के लिए यह बताना जरूरी है कि दुर्घटनाग्रस्त मिनी बस का नम्बर एमपी 49 पी 0233 है, जिसकी यात्री क्षमता 32+2 है।
हर दुर्घटना के बाद दुर्घनाग्रस्त हुए वाहन की वजह एक ही निकलती है कि स्टेयरिंग फेल हो गया। नरसिंहपुर जिले में जिला परिवहन कार्यालय और यातायात विभाग भी है कर्मचारी भी हैं और यहां साहब भी हैं अगर यात्री वाहन क्षमता से अधिक वाहन बिठाते हैं तो कार्रवाई भी होती होगी..?
अगर कार्रवाई होती है तो यात्री वाहन संचालक और चालक आखिर क्यों परिवहन के नियमों को दरकिनार कर वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बिठाते हैं। जाहिर है अधिक कमाई के लिए, तो फिर इन्हें कार्रवाई का डर क्यों नहीं है?
इस सड़क दुर्घटना में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस चालक पर मामला भी दर्ज कर लेगी और मामला कोर्ट चला जायेगा।
कम दूरी के लिए अधिकांश बस कंडक्टर, यात्री को टिकिट नहीं देते न ही टिकिट में यह स्पष्ट होता है कि यात्री किस स्थान से कहाँ तक की यात्रा कर रहा है तो मुआवजे के लिए लम्बी कानूनी लड़ाई की बात भी समाप्त हो जाती है।
थोड़े समय बाद इसी दुर्घनाग्रस्त वाहन का सुधार होगा, रंग रोगन होकर यह यात्री वाहन दुबारा सड़क पर होगा क्योंकि अधिक क्षमता के लिए संचालक दोषी नहीं है और न निगरानी करने वाला विभाग... तो साहब चलती का नाम गाड़ी है।
गाड़ी है चलती रहेगी पर आम जनता की जान सस्ती है यह ऐसे ही मरती रहेगी।
जनप्रतिनिधि, नेता, यातायात विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन दुर्घटनाओं पर त्वरित पहुंच जाते हैं यह काम सराहना के योग्य है, अगर यही लोग नियम- कायदों को लेकर पहले ही आवाज उठाएं और अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो वाहनों में क्षमता अनुसार ही सवारी बिठाई जाएंगी और स्टेयरिंग फेल नहीं होंगे।
उक्त घटना में क्षमता से अधिक सवारी बिठाने और दो लोगों की मौत को ब्रेकिंग कहकर, खबर की हत्या करने वालों को भी सलाम।
Comments