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हिंदी लेखिका संघ का स्थापना दिवस समारोह में हुआ कबीर पर नृत्य नाटिका का मंचन

वीथिका            Sep 15, 2026


मल्हार मीडिया भोपाल।

मध्यप्रेदश हिंदी लेखिका संघ का स्थापना दिवस समारोह 13 सितंबर को राजधानी भोपाल में धूमधाम से मनाया गया।

प्रमुख अतिथि सेज समूह  के चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने महिलाओं के बड़ी संख्या में लेखन और उनकी रचनात्मकता के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता की सराहना की।

श्री अग्रवाल ने सेज समूह की विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत महिलाओं के बाहुल्य को रेखांकित करते हुए उनकी कमर्ठता को सराहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डॉक्टर रक्षा दुबे उपायुक्त  जी एस टी म०प्र० , ने लेखिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि घर परिवार को संभालने की सारी व्यस्तताओं के साथ ही  साहित्य जगत में सहभागिता करना अथक परिश्रम दर्शाता है। उन्होंने लेखिकाओं को अपने अनुभवों को कलमबद्ध करने के लिए प्रेरित किया ।

इसके पूर्व लेखिका संघ की अध्यक्ष डॉ साधना गंगराड़े ने अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी लेखिका संघ की 31 वर्षों  की साहित्यिक यात्रा की जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं साहित्यकार डॉ. रक्षा दुबे, उपायुक्त, म.प्र. जीएसटी ने लेखिकाओं के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि घर-परिवार की जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं के साथ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहना अपने आप में अथक परिश्रम का प्रमाण है। उन्होंने लेखिकाओं को अपने अनुभवों को शब्द देने और उन्हें कलमबद्ध करने के लिए प्रेरित किया।

संस्था अध्यक्ष के रूप में अतिथियों का स्वागत करते हुए मैंने हिन्दी लेखिका संघ की 31 वर्षों की साहित्यिक यात्रा को साझा किया। मैंने कहा कि यह साहित्य-उपवन आज अनेक विधाओं की शाखाओं से फल-फूल रहा है। तीन दशकों से अधिक की यह यात्रा केवल वर्षों और अंकों की गिनती नहीं, बल्कि उन अनगिनत रचनात्मक क्षणों का दस्तावेज है, जिन्हें हमारी लेखिकाओं ने अपनी कलम से साकार किया है।

समारोह में हिन्दी लेखिका संघ द्वारा भोपाल के विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजित भाषण, निबंध, तात्कालिक भाषण एवं सामूहिक गीत प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।


विश्व संवाद केंद्र के खचाखच भरे सभागार में हुए कार्यक्रम में साहित्य के साथ रंगमंच का रंग भी घुला। संघ की सदस्याओं ने कबीर की साखियों पर केंद्रित नाटिका “उड़ जाएगा हंस अकेला” का प्रभावशाली मंचन किया।

कबीर की भूमिका में डॉ. साधना शुक्ला के साथ कमल चंद्रा, रंजना शर्मा, सुषमा पटेल, सरोज दवे, स्मृति उपाध्याय, चित्रा चतुर्वेदी, सरिता बघेला, सीमा जैन, लता माटे, कल्पना विजयवर्गीय, नीता खरे एवं सीमा सरन ने अपने अभिनय से मंच पर जीवंतता भर दी।
इस अवसर पर लेखिका बहनों सीमा जैन, वसुधा श्रीवास्तव, शशि शर्मा, शेफालिका श्रीवास्तव एवं स्मृति उपाध्याय की हाल ही में प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का सुगठित संचालन सुनीता यादव ने किया और आत्मीय आभार मधुलिका सक्सेना ने व्यक्त किया।

आपने बताया कि इस साहित्य  उपवन में अनेक विधाओं की शाखाएं फल- फूल रही हैं। तीन दशकों का  यह सफर केवल अंकों  की गिनती नहीं बल्कि उन अनगिनत रचनात्मक पलों  का दस्तावेज है जो लेखिकाओं ने अपनी  कलम से रचे है।

इस अवसर पर हिन्दी लेखिका संघ द्वारा भोपाल के विभिन्न महाविद्यालयों  - सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय, उच्च शिक्षा उत्कृष्ट  संस्थान, आनंद विहार कॉलेज फॉर वूमेन,सत्य साई महाविद्यालय मेंआयोजित की गयी भाषण, निबंध प्रतियोगिता,तात्कालिक भाषण, सामूहिक गीत के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

समारोह में लेखिका संघ की सदस्याओं द्वारा कबीर की साखियों पर मंचित नाटक "उड़ जाएगा हंस अकेला"में मुख्य  भूमिका में डॉक्टर साधना शुक्ला , कमल चंद्रा , रंजना शर्मा एवं अन्य भूमिकाओं में सुषमा पटेल सरोज दवे,स्मृति उपाध्याय,चित्रा चतुर्वेदी सरिता बघेला,सीमा जैन, लता माटे, कल्पना विजयवर्गीय ,नीता खरे एवं सीमा सरन ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन सुनीता यादव ने एवं  आभार मधुलिका सक्सेना ने प्रस्तुत किया।

 



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