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1 करोड़ इंटर्न कहां हैं

यंग इंडिया            Sep 06, 2026


मिलिंद खांडेकर।

5 साल में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप मिलेगी.

2 साल में 26 हज़ार युवाओं को इंटर्नशिप मिली है.

आप शायद भूल गए होंगे. यह घोषणा वित्त मंत्री ने जुलाई 2024 में की थी . हिसाब किताब प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का. 2024 चुनाव में बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला. युवा असंतोष भी इसका एक कारण माना गया था. केंद्र सरकार ने बजट में युवाओं के लिए ताबड़तोड़ पैकेज की घोषणा की थी. इंटर्नशिप योजना उसी पैकेज का हिस्सा थी.

क्या थी इंटर्नशिप योजना?

केंद्र सरकार 500 बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप का मौक़ा देगी. इंटर्नशिप 12 महीने चलेगी. हर महीने इंटर्न को ₹5 हज़ार स्टायपेंड मिलेगा. कंपनी को इंटर्न को काम का अनुभव और ट्रेनिंग देनी होगी. स्कीम के पीछे सोच थी कि युवाओं को कैरियर की शुरुआत में काम का अनुभव मिल जाए.

सरकार ने समय-समय पर संसद में जो जानकारी दी है उसके अनुसार पहले राउंड में करीब 8 हज़ार युवाओं को इंटर्नशिप मिली, दूसरे राउंड में करीब 7 हज़ार. युवाओं को इंटर्नशिप के लिए घर के पास ही मौक़े चाहिए थे. स्कीम की सफलता में यह बड़ी अड़चन मानी गई थी.

अब सरकार ने स्कीम का दायरा छोटी कंपनियों तक बढ़ा दिया और स्टायपेंड बढ़ाकर 9 हज़ार रुपये कर दिया. तीसरे राउंड में करीब 11 हज़ार युवाओं ने इंटर्नशिप ली है.

दो साल में यह आँकड़ा 26 हज़ार तक ही पहुँचा है जबकि सरकार का लक्ष्य था 30 लाख.सवाल है कि तीन साल में 99 लाख से ज़्यादा युवाओं को इंटर्नशिप कैसे देगी सरकार?

यह योजना जब शुरू हुई थी तब भी मैंने हिसाब किताब में पूछा था कि 1 करोड़ इंटर्न कैसे बनेंगे?

देश की 500 बड़ी कंपनियों में  70 लाख कर्मचारी हैं ( यह आँकड़ा अब 84 लाख है) इस हिसाब से हर साल 15-20 लाख इंटर्न रखने पड़ेंगे. सवाल है कि क्या इन कंपनियों में इतने लोगों को काम देने की क्षमता है?

सरकारी योजनाएं कागज़ों पर तो बन जाती हैं ज़मीन पर उतारने में दिक़्क़त आती है. इंटर्नशिप योजना इसका उदाहरण है. बेरोजगारी का मुद्दा जस का तस बना हुआ है.

 



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