हेमंत कुमार झा।
समय के साथ यह देश क्रोनी कैपिटलिज्म से तो निबट सकता है लेकिन एकेडमिक स्पेस में जो क्रोनिज्म का सिलसिला चल रहा है वह इतना खतरनाक और दीर्घकालीन...
डॉ.पकाश हिंदुस्तानी।
(धीरज से पढ़िएगा)
30 जनवरी। आज़ादी के बाद 1948 में आज ही के दिन महात्मा गांधी को एक पागल ने गोलियां मारी थीं। उसने किसी अंग्रेज़ को गोली नहीं...
समीर चौगांवकर।
आदि शंकाराचार्य ने भारत के चार कोनों के चार धामों मे चार मठ स्थापित किए।उत्तर में बद्री,पश्चिम में द्धारका,पूर्व में पूरी और दक्षिण में श्रृगेरी।
इन मठों के...
प्रो. मनोज कुमार।
इंदौर इस समय दुखी है, परेशान है. अपने बच्चों और साथियों के अकाल मौत से उसके माथे पर सिकन दिख रही है. वह बेबस है. सिस्टम ने उसे कलंकित कर...
डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी।
जो नौजवान पूरा भोजन बनाना नहीं जानते, वे मैगी से काम चला ही लेते हैं! ऐसा ही है मेक इन इंडिया!
मेक इन इंडिया' पहल और उसके बाद 2020 में...
हेमंत कुमार झा।
प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत दुनिया में 140 वें स्थान पर है, बांग्लादेश का स्थान भारत से थोड़ा नीचे है जबकि पाकिस्तान तो और बहुत नीचे 161...
राकेश कायस्थ।
बिहार में फिर से नीतिशे कुमार हैं लेकिन इस बार बहुत ज्यादा और सचमुच बीमार हैं। नीतीश कुमार जितने बीमार हैं, उतनी ही बीमार पूरी हिंदी पट्टी है। क्या दोनों की...
सुनील कुमार गुप्ता।
हमें एक अच्छा संविधान मिला है, पर यह हमारे नेताओं पर निर्भर करता है कि वो कैसे संविधान को आगे बढ़ाएं। वो अच्छे संविधान को बुरा बना सकते...
शैलेष तिवारी।
इसे हम अपनी खुशनसीबी कहें या बदनसीबी कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में घट रही उस घटना के हम गवाह हैं जिसमें विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल दर...
राकेश कायस्थ।
राहुल गाँधी के जन्मदिन पर मैंने एक लंबा पोस्ट लिखा था, जिसका केंद्रीय सवाल ये थे कि राहुल गाँधी क्या बनना चाहते हैं, गाँधी या इंदिरा? सवाल इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि...