
डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
खेल बहुत बड़ा है! सेटलमेंट भी बड़ा है! तथाकथित रिश्वत भी बहुत बड़ी थी, लेकिन असल खेल कल्पना से परे है! सचमुच बहुत ही बड़ा!
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस के सामने एक मामला आया. वह अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति काल का आखिरी दौर था, नवंबर 2024. तब यह मामला दर्ज किया गया था.
कहा गया कि अडानी ग्रुप में भारत के ही अधिकारियों को करीब 25 करोड़ डॉलर के बराबर की रिश्वत दी और उसके बाद अमेरिका के निवेशकों से अरबों डॉलर इन्वेस्टमेंट के नाम पर जुटा लिये.
रिश्वत भारत में देने का मामला था, लेकिन चूंकि धन अमेरिका में जुटाया गया था, इसलिए अमेरिका की सरकार के एक विभाग ने जांच शुरू की.
आज (भारत में 19 मई और अमेरिका में 18 मई को) अमेरिका के इसी विभाग ने कहा कि हम इस केस पर और समय और अपने संसाधन खर्च नहीं करेंगे. यह मामला परमानेंटली ड्रॉप कर दिया गया है.
मामला खल्लास!
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस 2 साल पहले बोला था कि तुमने रिश्वत दी है और निवेशकों को धोखा दिया है, वहीं 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वही विभाग बोल रहा है, छोड़ो यार, मामला दफा करते हैं.
इस मामले को सुलटाने के लिए गौतम अडानी ने 60 लाख डॉलर और उनके भतीजे सागर अडानी ने एक करोड़ 20 लाख डॉलर जुर्माना देना स्वीकार कर लिया है. कोई झिक झिक नहीं, वकील नहीं. महीने भर में जुर्माने की राशि भी जमा कर देंगे.
इतने बड़े अडानी समूह के लिए एक करोड़ 80 लाख डॉलर की यह राशि कोई बहुत बड़ी नहीं है!
अडानी समूह ने यह भी कहा है कि उनका ग्रुप अमेरिका में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इन्वेस्टमेंट भी करेगा.
मामला करीब 8 साल पुराना है
अडानी ग्रीन एनर्जी के आईपीओ की लिस्टिंग 18 जून 2018 को हुई थी.
लिस्टिंग प्राइस थी केवल 30 रुपये, जो भारत के तत्कालीन बाजार को देखते हुए बहुत ही कमजोर थी. इसके पहले की प्रिलिस्टिंग करीब 151 रुपए में थी यानी जब असल में लिस्टिंग का वक्त आया तो शेयर के दाम में 80% से ज्यादा की गिरावट हो गई. लेकिन फिर भी अडानी ग्रीन ने आईपीओ लाने कि हिम्मत की!
आईपीओ के इनफार्मेशन मेमोरेंडम में इसे कोई बहुत बड़ा इशू नहीं माना गया था. इस इक्विटी शेयर का डायरेक्ट लिस्टिंग हुआ था तब फेस वैल्यू थी 10 रुपये प्रति शेयर!
10 रुपये मूल्य के उसे शेयर का तत्कालीन भाव भले ही 30 रुपये हो लेकिन आज उसकी कीमत 1370 से 1400 के आसपास है. हाईएस्ट 1471 पर पहुंचा था.
आज इस कंपनी का मार्केट कैप सवा दो लाख करोड़ रूपये से भी ज्यादा है.
इसका पी /ई रेशो 127 से भी ज्यादा बढ़ चुका है और आज यह भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है!
अडानी समूह ने आक्रामक विस्तार किया, बड़े-बड़े सोलर पार्क, विंड प्रोजेक्ट लगाये और इंटरनेशनल फंडिंग हासिल की. खूब अच्छा दिखाया.
अडानी ग्रुप का यह शेयर जैकपोट जैसा बन गया. ऐसे में अडानी चाचा -भतीजे की जगह कोई और होता तो भी जुर्माना देकर अपना टाइम खोटी होने से बचा लेता!
मैं ये सारी बातें यहां इसलिए लिख रहा हूं कि यह समझिए कि बड़े-बड़े खेल कैसे होते हैं और बड़े खिलाड़ी किस तरह से अपना काम निकालते हैं! उनके लिए हमारे नेता /अफसर / मीडिया प्यादे भर हैं.
यह आलेख 19 मई 2026 को लिखा गया
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