मल्हार मीडिया ब्यूरो।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट है और लगातार पेयजल की निगरानी की जा रही है।
इन सब के बीच शुक्रवार को धार के धरमपुरी के पेयजल वितरण कुएं में अधिक मात्रा में ब्लिचिंग पाउडर डालने से कुएं की सारी मछलियां मर गईं, जिससे नगर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर शनिवार को मृत मछलियों को कुएं से बाहर निकाला गया।
आरोप है कि अप्रशिक्षित कर्मचारी ने बिना किसी निर्धारित मापदंड के अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डाल दी, जिससे कुएं में मौजूद सभी मछलियां मर गईं। इसके बाद वही पानी नगर परिषद द्वारा नागरिकों को वितरित कर दिया गया।
इस घटना के बाद नगर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने पानी में अधिक ब्लिचिंग मिलाने की शिकायत भी की थी, लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब मछलियां मृत पाईं गईं।
सीएमओ बलराम भुरे ने बताया कि शासन से पेयजल स्रोतों में ब्लिचिंग पाउडर डालकर शुद्ध पेयजल वितरित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे।
गलती से अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डालने के कारण मछलियां मरीं। उन्हें बाहर निकालकर कुएं का पानी साफ किया गया और पुनः शुद्ध पेयजल वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।
आरोप है कि अप्रशिक्षित कर्मचारी ने बिना किसी निर्धारित मापदंड के अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डाल दी, जिससे कुएं में मौजूद सभी मछलियां मर गईं। इसके बाद वही पानी नगर परिषद द्वारा नागरिकों को वितरित कर दिया गया।
इस घटना के बाद नगर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने पानी में अधिक ब्लिचिंग मिलाने की शिकायत भी की थी, लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब मछलियां मृत पाईं गईं।
सीएमओ बलराम भुरे ने बताया कि शासन से पेयजल स्रोतों में ब्लिचिंग पाउडर डालकर शुद्ध पेयजल वितरित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे।
गलती से अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डालने के कारण मछलियां मरीं। उन्हें बाहर निकालकर कुएं का पानी साफ किया गया और पुनः शुद्ध पेयजल वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।
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