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इंदौर अग्निकांड में झूठे निकले परिवार के दावे, चार्जिंग पर थी कार

मध्यप्रदेश            Mar 26, 2026


मल्हार मीडिया ब्यूरो।

मध्यप्रदेश के इंदौर के पुगलिया परिवार में हुए अग्निकांड में जिस परिवार ने पहले पोल में हुए ब्लास्ट को आग लगने का जिम्मेदार बताया था अब पुलिस पूछताछ में उन्होंने खुद ही स्वीकार कर लिया कि हादसे के समय कार चार्जिंग पर थी। दिलचस्प बात यह है कि पहले वाला बयान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने ही दिया था।

इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मृतक कारोबारी मनोज पुगालिया के बेटों ने पुलिस पूछताछ में यह स्वीकार कर लिया है कि हादसे के वक्त उनकी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी।

यह खुलासा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि हादसे के ठीक बाद बड़े बेटे सौरभ पुगालिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने दावा किया था कि कार चार्जिंग पर नहीं थी और आग बिजली के पोल में ब्लास्ट की वजह से लगी थी।

4 घंटे की पूछताछ में टूट गया दावों का किला

बुधवार को तिलक नगर थाना पुलिस ने मनोज पुगालिया के तीनों बेटों सौरभ, सौमिल और हर्षित से करीब 4 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। टीआई मनीष लोधा के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि सौरभ ने पहले चार्जर निकाल दिया था क्योंकि कार 85% चार्ज हो चुकी थी। लेकिन बाद में छोटे भाई हर्षित ने रात करीब 11 बजे फिर से चार्जर लगा दिया। पुलिस अब इस मामले में मनोज पुगालिया की पत्नी और अन्य 20 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

तिलक नगर टीआई मनीष लोधा का कहना है कि हर्षित के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि घटना के दौरान कार चार्जिंग पॉइंट से जुड़ी हुई थी। स्मार्ट मीटर का डिजिटल डेटा भी इसी ओर इशारा कर रहा है।

मनीष लोधा, टीआई तिलक नगर

बिजली कंपनी की शुरुआती जांच रिपोर्ट ने परिवार के दावों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। अधिकारियों ने घर में लगे स्मार्ट मीटर का पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकाला है। इस डेटा से पुष्टि हुई है कि कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्ज होती थी। घटना वाली रात भी तड़के चार्जिंग के दौरान पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ था, लेकिन आधे घंटे बाद फिर से चार्जिंग शुरू होते ही जोरदार ब्लास्ट हो गया।

हादसे वाली जगह से पुलिस को एक दर्जन से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर भी मिले थे, जिनमें से तीन में ब्लास्ट हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर केवल कार में आग लगती तो शायद जनहानि कम होती, लेकिन सिलेंडरों के धमाके ने घर को गैस चेंबर बना दिया। मुख्यमंत्री के सामने फायर ब्रिगेड पर लापरवाही का आरोप लगाने वाले परिवार के सदस्यों के अब खुद के बयान बदल जाने से जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है।

 



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