मल्हार मीडिया
उत्तप्रदेश में इंस्पेक्टर द्वारा एक बुजुर्ग का टाईपराईटर तोड़ने की घटना के दौरान जब मौके पर मौजूद फोटो जर्नलिस्ट फोटो लेने लगे तो इंस्पेक्टर ने उन्हें भी धमकाया। उनसे कहा, ‘मेरा नाम बड़े-बड़े अक्षरों में लिखना, जिससे एसएसपी भी मेरे बारे में जान सकें।’
लेकिन एक फोटो जर्नलिस्ट ने बकायदा इस जनता के सेवक की एक—एक करतूत को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर सारे देश का ध्यान इस घटना की ओर खींचा और यूपी सरकार को एक्शन लेने पर विवश कर दिया। अगर आशुतोष त्रिपाठी अपने कैमरे में ये दर्द और वहशत के तसवीरें नहीं कैद करते तो किसी को मालूम भी न होता की कौन बेबस बुज़ुर्ग और कौन ज़ालिम दरोगा?
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