मल्हार मीडिया ब्यूरो
पश्चिम बंगाल में बांग्ला दैनिक का एक पत्रकार अलीपुरद्वार जिले स्थित अपने घर से दो दिनों से लापता है। इस घटना से पहले उसने कॉलेज में दाखिले में रिश्वतखोरी पर एक खबर लिखने पर आठ लोगों से धमकी मिलने की शिकायत की थी, जिसमें आठों लोग गिरफ्तार किए गए थे। हालांकि इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं।
बनर्जी ने यहां नाबन्ना स्थित राज्य के सचिवालय में संवाददाताओं को बताया, ‘28 जुलाई को यह घटना हुई थी। इसके बाद हमलोगों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था।’ उन्होंने कहा, ‘उत्तरी बंगाल के पुलिस निरीक्षक ज्ञावंत सिंह को वहां भेजा गया था। हमनें सीआईडी को भी मामले की जांच करने को कहा है।’उन्होंने बताया, ‘हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। पुलिस मामले की विस्तृत जांच करेगी।’
वहीं इसके बाद, एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तरबंग संबाद के रिपोर्टर चयन सरकार को ढूंढने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया है। वह रविवार रात नौ बजे अपने घर के समीप से लापता हो गए।
उन्होंने बताया कि सरकार की नोटबुक, स्कूटर और पर्स उसी जगह मिले हैं। उन्होंने अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों के प्रदर्शनकारी पत्रकारों को आश्वासन दिया कि सरकार को ढूंढने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी प्रेस क्लब के सदस्यों ने आरोप लगाया कि अलीपुरद्वार जिले के एक कॉलेज में दाखिले के गोरखधंधे में शामिल लोगों ने सरकार का अपहरण किया है।
उत्तर बंगाल में सबसे अधिक प्रसार वाले इस अखबार में खोजी रिपोर्ट फाइल करने के बाद वह इन लोगों के निशाने पर आ गए थे। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे दाखिले के लिए उम्मीदवारों एवं अभिभावकों से बड़ी धनराशि वसूली जाती है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 28 जुलाई को इस खबर के प्रकाशन के बाद सरकार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है और उन्होंने इस सिलसिले में आठ लोगों के नाम लिए थे जिन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
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