मल्हार मीडिया डेस्क
सामाजिक कार्यकर्ता और सीपीआई नेता गोविंद पंसारे की हत्या के मामले की जा रही जांच में पुलिस नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी के अगले निशाने पर मराठी पत्रकार निखिल वाग्ले थे।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंसारे की मौत के पीछे संदिग्ध कट्टरपंथी ग्रुप सनातन संस्था के सदस्य समीर गायकवाड़ को फोन पर किसी से यह कहते सुना गया कि पंसारे की मौत के बाद अगला नंबर वाग्ले का है। दरअसल गायकवाड़ के फोन को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलॉस पर लगाया गया था, जिसमें वह पंसारे की मौत पर शेखी बघार रहा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
गोविंद पसारे की हत्या इस साल फरवरी में उस समय की गई थी जब वह महाराष्ट्र के दक्षिण पश्चिम में कोल्हापुर स्थित घर से सुबह की सैर के लिए निकले थे। पत्रकार वाग्ले ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
ज्ञातव्य है कि वाग्ले ने वर्ष 2011 में महाराष्ट्र में अंधिविश्वास उन्मूलन बिल पर एक शो किया था जिसमें सनातन संस्था का एक सदस्य चिढ़कर यह शो छोड़कर चला गया था। वाग्ले ने बताया कि उन्हें इस ग्रुप से कई धमकियां मिल चुकी हैं।
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