मल्हार मीडिया ब्यूरो
फर्जी प्रकरण में प्रशासनिक दंश का शिकार होकर रायगढ जेल मे बंद किये गये महिला पत्रकार आरती वैष्णव व उनके पति भूपेन्द्र वैष्णव ने जेल में ही भूख हड़ताल करने की मंशा बना ली है। पत्रकार दंपत्ती विगत 22 जून से रायगढ जेल में हैं जिन्हे जमानत नहीं मिल पायी है।
ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ के रायगढ के खरसिया के पत्रकार दम्पत्ति पर स्थानीय नगरपालिका में पदस्थ एक नौकरशाह द्वारा प्रताडित किए गया उनका व मकान तोड दिया गया था और अनशन पर बैठे पत्रकार दंपति को जेल भेज दिया गया था। करीब दो महीने से आरती वैष्णव और उनके पति रायगढ जेल में हैं और उनकी जमानत याचिका सिविल कोर्ट से खारिज कर दी गई है।
खरसिया के पत्रकार दंपत्ती पर हुए व्देशपूर्ण कार्रवाई पर पत्रकार कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष किशोर कर का कहना है कि छत्तीसगढ में पत्रकारो की कि पत्रकारो को प्रताडित करने व फर्जी प्रकरण तैयार कर फंसाने वाले नौकरशाहों को छ.ग. की सरकार पदोन्नत कर रही है जो कि सरासर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि महिला पत्रकार आरती वैष्णव के परिवार को जिस तरह से प्रशासनिक दंश का शिकार होना पडा है यह सरकार के तानाशाही रवैये का सबूत है। उन्होने कहा कि उन्होने कहा कि फर्जी प्रकरणो मे पत्रकाऱो को प्रताडित किए जाने का सिलसिला यदि नहीं थमा तो पत्रकार कल्याण परिषद छत्तीसगढ सहित देश भर में आंदोलन करेगा।
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