मल्हार मीडिया ब्यूरो
दिल्ली हाई कोर्ट सोशल मीडिया पर सख्त होता दिखाई दे रहा है। कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र को फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया साइटों के साथ उसके अनुबंधों की जानकारी देने का निर्देश दिया, ताकि यह पता चल सके कि इन वेबसाइटों के पास अपलोड सामग्री के बौद्धिक संपदा अधिकारों का लाइसेंस है या नहीं।
जस्टिस बदर दुरेज अहमद और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तारीख तय करते हुए कहा कि अगली तारीख पर सभी अनुबंधों के साथ आएं।
केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने इसकी जानकारी देने के लिए और समय मांगा। इसके बाद यह मामला अगले महीने के लिए सूचीबद्ध किया गया। सुनवाई की पिछली तारीख पर अदालत ने कहा था, ऐसा लगता है कि जब सोशल मीडिया साइटों पर कुछ अपलोड किया जाता है तो वेबसाइटों को कोई रॉयल्टी दिए बगैर सामग्री के बौद्धिक संपदा अधिकार का लाइसेंस मिल जाता है।
Comments