मल्हार मीडिया ब्यूरो।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार दोपहर इंदौर पहुंच गए। वे रीजनल पार्क के सामने मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं, खासकर Gen-Z से रूबरू हुए। उन्हें कार्यक्रम में साढ़े पांच बजे पहुंचना था, लेकिन करीब सवा घंटे की देरी से पहुंचे।
मंच पर पहुंचकर राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट को सिस्टम कैसे बनाना, कैसे सिस्टम को चैलेंज करेगे, यही इंदौर के छात्रो के गूंज का मुद्दा है। छात्र में जिज्ञासा होती है, सवाल पूछते हैं, छात्र नफ़रत नहीं करते प्यार से बर्ताव करते हैं।
छात्र निडर, दूसरी सोच को समझने की कोशिश करते हैं डराते नहीं है। ईमानदारी से देश बनता हैं और ये क्वालिटी भारत के हर युवा में है। इन्ही क्वालिटीज को सुरक्षित रखना है। पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं।
कार्यक्रम के लिए दोपहर 3:30 बजे से युवाओं का प्रवेश शुरू कर दिया गया था। युवाओं में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। राहुल गांधी अपने संवाद के दौरान शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हें।
सिस्टम अंधभक्त चाहता है, जो नफरत फैलाए
राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम छात्र नहीं अंधभक्त चाहता है। अंधभक्त नफ़रत फैलाता हैं, अहंकार से भरा होता, डरपोक होता, महिलाओं का अपमान करता है झूठा होता है। सिस्टम अंधभक्त को प्यार करता हैं और प्रमोट करता है। अंधभक्त सवाल नहीं पूछता, मोदी को भगवान कहता है।
नर्सिंग छात्र यशिका डांगी ने मंच पर राहुल गांधी के साथ संवाद करते हुए कहा कि रिजल्ट में देरी से डिग्री का समय बढ़ा, भोपाल में आन्दोलन किया, सरकार को कोई मतलब नहीं। अभी भी हम 12वी पास ही कहला रहे। अस्पताल में पांच से छह हज़ार की नौकरी मिल रही।
देश के सिस्टम पर छह लोगों का कब्जा
राहुल गांधी बोले कि देश के सिस्टम पर कब्जा है। छह लोग टॉप पोजिशन पर बैठे हैं। लाठी, पैलेट गन चलाने का काम अमित शाह करते हैं। इनफॉर्मल मीटिंग में अजीत डोभाल कहते है 500 लोगो को कंट्रोल करने की जरूरत है, फ़ोन टैप करवाते हैं।
संघ को हजारों करोड़ रुपये कॉलेज और स्कूल चलाने के लिए देते हैं। अदानी अंबानी सरकार की मार्केटिंग कर रहे है न्याय, शिक्षा हर जगह सिस्टम ने अपना एक आदमी बैठा रखा है। सचिन के होते हुए अमित शाह के बेटे की क्रिकेट की कुर्सी पर बैठा रखा है।
धार के छात्र ने सुनाई व्यथा
धार का छात्र बोला दिल्ली से जंतर मंतर से लौट रहा था हमे कुछ लोगो ने ट्रेन से उतरा दिया बालाघाट में मिजल जैसी बीमारी हो रही सरकार कुछ नहीं कर रही, सरकार पद नहीं भर रही आश्वासन दे रही। इंदौर के नेहरू हॉस्टल में रजाई गादी और लाइब्रेरी नहीं है।
देवास का छात्र बोला- परीक्षा समय पर नहीं
देवास का युवक बोला दो भर्ती बोर्ड हैं। परीक्षाएं समय पर नहीं हो रहीं। अफसर ज्ञापन नहीं लेते। सीएम ने आश्वासन दिया। इंदौर आए तो पता चला हम पर एफआईआर हो गई। हम चार दिन जेल में रहे। व्यापम घोटाले और पेपर लीक के लिए ही बना है। पटवारी परीक्षा में एक ही कॉलेज के दस टॉपर आए।
शिक्षा लग्जरी नहीं, हक है
राहुल गांधी बोले- छात्र देश का फाउंडेशन है, शिक्षा लग्जरी नहीं हक है। सरकार की ज़िम्मेदारी है इफेक्टिव सिस्टम बने पहले आईआईटी आईआईएम नवोदय विद्यालय बने अब कुछ नहीं हो रहा।
राहुल गांधी ने ग्राफ के जरिए समझाया कि किस तरह बजट कम हुआ। उन्होंने कहा कि सात लाख करोड़ रुपये शिक्षा में जाने थे, वो अरबपतियों के हाथ में गए, डेढ़ करोड़ स्कॉलरशिप छीनी गई है।
उज्जैन की राधा मालवीय बोली पीएचडी में। लाखो रुपये खर्च हो रहे, आवास भता कम है बढ़ोतरी नहीं हुई ब्याज से पैसे लेकर किराया भर रहे, मकान का किराया के लिए रजिस्ट्री देना पड़ती है
कार्यक्रम में 35 वर्ष तक के युवा शामिल
कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए कांग्रेस ने 35 वर्ष तक की आयु सीमा तय की है। आयोजन को खासतौर पर Gen-Z को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कार्यक्रम में बॉलीवुड गायक राघव चैतन्य, डांस ग्रुप विकास अनबिटेबल ने दमदार प्रस्तुति देते हुए युवाओं का खूब मनोरंजन किया।
रंगारंग कार्यक्रम से मचाया धमाल
मंच पर पहले अमेरिका गॉट टैलेंट के विकास अनबिटेबल ड्रीम टीम ने परफार्मेंस दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति देख दर्शक वाह-वाह कर उठे। इसके बाद राघव चैतन्य मंच पर आए और उन्होंने मैंने तेरा नाम रख दिया एवं मासूका जैसे गाने पेश करते हुए युवाओं को अपने साथ झूमने पर मजबूर कर दिया।
मंच पर युवाओं संग राहुल गांधी
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की एक खास बात इसका गैर राजनीतिक स्वरूप रखा जाना है। कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस के झंडे और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं किया गया है। मंच पर राहुल गांधी अकेले हैं और सीधे युवाओं से संवाद कर रहे हैं। कांग्रेस के अन्य नेताओं को मंच साझा नहीं कराया जा रहा है।
चार राज्यों के शहरों में हो चुके कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत इससे पहले राजस्थान के कोटा, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, उत्तराखंड के देहरादून और महाराष्ट्र के पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसके बाद एमपी के इंदौर में यह छात्रों की गूंज का पांचवा आयोजन है।
Comments