मल्हार मीडिया ब्यूरो।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत गए हैं। ये सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद ख़ाली हुई थी।
बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए मतदान 30 जुलाई को हुआ था. इस दौरान 35 फ़ीसदी से भी कम मतदान हुआ जिसको लेकर अलग-अलग आशंकाएं जताई गई थीं।
प्रशांत किशोर ने जब तक चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा, तब तक उनकी असल कीमत का अनुमान ही लगाया जाता रहा। पहली बार वह चुनाव में खुद उतरे और बिहार की सबसे प्रतिष्ठित सीट पर जीत हासिल की।
चुनाव में उतरते समय उन्होंने जो आर्थिक हैसियत दिखाई, उसकी चर्चा थी। अब बिहार विधानसभा में उनकी राजनीतिक हैसियत भी लोग देख सकेंगे। प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से बड़ी जीत हासिल की है। अब वह बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्य में बड़े काम क्या करेंगे, यह देखने वाली बात होगी।
आर्थिक रूप से चुनिंदा संपन्न बिहारियों में प्रशांत
सीधे तौर पर बिजनेस से जुड़े कुछ चुनिंदा बिहारियों से अलग, राजनीति में उतरे लोगों के बीच प्रशांत किशोर आर्थिक मजबूत चुने हुए चेहरों में से हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संयुक्त चल संपत्ति 111 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रशांत किशोर ने अपनी लगभग ₹22.19 करोड़ की चल संपत्ति दिखाई थी और लगभग ₹89.51 करोड़ की चल संपत्ति पत्नी के नाम बताई थी।
उन्होंने हलफनामे में बताया था कि उनके नाम पर रोहतास जिले के शिवसागर स्थित 'श्रीराम अल्ट्रा मॉडर्न राइस मिल' की जमीन दर्ज है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब ₹9.75 करोड़ है। इसके अलावा इस दंपति के नाम दिल्ली, गुवाहाटी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में कई कीमती आवासीय संपत्तियां हैं।
प्रशांत किशोर आगे चलकर बिहार कोई बड़ा काम कर बेरोजगारों के लिए कुछ करें तो आश्चर्य नहीं। प्रशांत किशोर की कंपनी वेधा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड में उनकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रशांत किशोर के पास बैंक जमा, शेयर, निवेश और म्यूचुअल फंड का भी बड़ा पोर्टफोलियो है। हलफनामे में उन्होंने विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थानों का करीब ₹5.77 करोड़ का ऋण बताया था, जबकि उनकी पत्नी पर लगभग ₹55.38 लाख का ऋण बकाया बताया था।
दान देने में भी रिकॉर्डतोड़ हैं प्रशांत
प्रशांत किशोर दान देने में भी कितने आगे हैं, वह बांकीपुर चुनाव के लिए नामांकन के समय दाखिल शपथ पत्र से सामने आया था। उन्होंने बताया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्होंने जन सुराज पार्टी को ₹85 करोड़ तथा जन सुराज फाउंडेशन को ₹50 लाख का दान दिया था। जबकि, इससे पहले वर्ष 2023-24 में जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फ़ाउंडेशन को ₹2.75 करोड़ का दान दिया था।
पेशेवर पहचान और शैक्षणिक योग्यता
प्रशांत किशोर ने वर्ष 2003 में हैदराबाद स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ASCI) से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट (MHA) की डिग्री हासिल की है। प्रशांत किशोर ने हलफनामे में खुद को पॉलिटिकल एडवाइजर एवं कंसल्टेंट बताया है। उनकी आय के मुख्य स्रोत व्यवसाय, पेशेवर फीस, बैंक ब्याज और डिविडेंड हैं।
उनकी पत्नी पेशे से डॉक्टर हैं और वर्तमान में अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल, नई दिल्ली में सीनियर एडवाइजर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत हैं। सोमवार को चुनाव परिणाम के पक्का होने से पहले ही उनकी पत्नी ने सामने आकर सार्वजनिक तौर पर उन्हें बधाई दी और बांकीपुर की जनता का आभार भी जताया।
8 मामले दर्ज, लेकिन किसी में सजा नहीं
प्रशांत किशोर कई मामलों में चर्चित रहे हैं, लेकिन किसी बड़े अपराध के लिए नहीं। प्रदर्शन और अभियान के दौरान दो-तीन साल में उनके ऊपर कई बड़े मामले दर्ज हुए, लेकिन अब तक किसी में उन्हें दोषी नहीं माना गया है। शपथ पत्र के अनुसार सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक अभियानों के दौरान प्रशांत किशोर पर कुल 8 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
इनमें से किसी भी मामले में अब तक आरोप तय (चार्ज फ्रेम) नहीं हुए हैं और न ही उन्हें किसी अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया है। गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करना, हमला, आपराधिक साजिश, मानहानि और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप हैं। सभी मामले फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं।
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