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फिल्म समीक्षा: सिचुएशनशिप वाला लव ट्रायंगल कॉकटेल 2

पेज-थ्री            Jun 19, 2026


डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी।

‘कॉकटेल 2’ शाहिद कपूर, कृति सेनन  और रश्मिका मंदाना  की रोमांटिक ट्रॉयएंगल लव वाली  ड्रामा-कॉमेडी है, जिसे होमी अदजानिया ने डायरेक्ट किया है। लव, मिसअंडरस्टैंडिंग, इमोशंस और कॉमेडी इस फिल्म का मुख्य मजमून है। आशिकी और सैयारा की तुलना में यह मैच्योर लव स्टोरी है!

मॉडर्न रिलेशनशिप्स, सिचुएशनशिप और कमिटमेंट इश्यूज पर फ्रेश टेक देखना हो तो यह फिल्म भरपूर देती है। स्टाइलिंग, कॉस्ट्यूम और विजुअल्स भी फिल्म की बड़ी ताकत हैं।

बचपन की दो सहेलियाँ मिलती हैं, तो नया ताना-बाना भी बुना जाता है। रश्मिका अपने मन का शक दूर करने के लिए बिंदास, बेपरवाह और जिंदादिल कृति सेनन  से कहती है कि वह शाहिद  से फ्लर्ट करे। रश्मिका का टास्क सिंपल है, वह सिर्फ शाहिद की लॉयल्टी परखना चाहती है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब कृति सच में शाहिद के प्यार में पड़ जाती है। अब इस प्रेम त्रिकोण का हश्र क्या होता है, यह आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।

इस फिल्म में वही बहुत कुछ है जिसका ख्वाब देश के अधिकांश युवा देखा करते हैं — कोई जिम्मेदारी नहीं हो, अच्छी-खासी इनकम हो, प्यारी सी इश्क करने वाली गर्लफ्रेंड हो, लिव-इन रिलेशनशिप हो, , विदेश यात्राएँ, शराब, पार्टी और जश्न ही जश्न हो!

छुट्टियाँ हों, इटली का सिसिली आइलैंड हो, उसकी खूबसूरत वादियाँ हों, समंदर के किनारे लंबी सड़कें हों , बीच हाइवे पर समंदर किनारे  खराब हुई कार और गिटार बजाकर गर्लफ्रेंड को एंटरटेन करने का मौका हो, सिसिली के  शानदार मार्केट, वाइनयार्ड, वाइनरी, सुरम्य चट्टानें, स्विमिंग पूल पार्टी और पूरी जिंदगी किसी सपने जैसी हो, यही सब है इस फिल्म में। फिल्म बार-बार इसी फैंटेसी को बेचती है। इसी का ख्वाब 99.9 प्रतिशत युवा देखते हैं।

फिल्म में आम आदमी या गाँव की जिंदगी का कोई दर्शन नहीं है। यह पूरी तरह आज के महानगरीय युवाओं की दुनिया दिखाती है। अगर आप एस्केप सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए हो सकती है।

इस फिल्म की खूबसूरती इसके नयनाभिराम दृश्यों में है। शाहिद कपूर वापस अपनी लवर बॉय इमेज में लौटे हैं और यह कहा जा सकता है कि वे ऐसे किरदारों में सहज लगते हैं। वे क्यों सलमान खान बनाने की कोशिश करते रहते हैं? वे लड़कियों के प्रिय हीरो हैं, उन्हें बेड ब्वॉय के रोल नहींकरना चाहिए। इस फिल्म के रंगीन पार्टी सीन दर्शकों को आकर्षित करते हैं।

फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी कृति सेनन की स्क्रीन प्रेजेंस, एक्टिंग और ग्लैमर है। वे इस एडल्ट फिल्म में पूरी तरह रिवीलिंग, अफेंसिव और ‘वैसी’ लगी हैं।  उनकी एंट्री और कुछ सिडक्टिव सीन दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। मिसअंडरस्टैंडिंग, ब्रेकअप, कमिटमेंट और चॉइस के मोमेंट्स खूबसूरती से फिल्माए गए हैं।

फिल्म के कुछ यादगार डायलॉग :

– "कोई भी रिश्ता जब नया होता है ना, एक्साइटिंग होता है… नए दोस्त मजेदार लगते हैं क्योंकि उनकी कहानियाँ हमारे लिए नई होती हैं। लेकिन प्यार उस फटी हुई टी-शर्ट की तरह होता है, जिसमें हम सुकून से सोते हैं।"

– "सब अपनी-अपनी एक्सपायरी डेट के साथ आते हैं… और एक्सपायरी डेट के बाद तो दवा भी ज़हर बन जाती है।"

– "हम लोग बरसों से शादीशुदा हैं, बस कुछ रस्में बाकी हैं।"

– "हम लोगों ने शादी नहीं करके बहुत पैसे बचा लिए, इसलिए घूमने के लिए सिसिली-इटली जा रहे हैं।"

– "पुरानी मोहब्बत हो तो फीलिंग फेविकॉल से जुड़ जाती है।"

– "प्यार में दिल टूटने का डर ऐसा न हो कि कोई प्यार ही न करे।"

– "आई लव यू मत बोल, कुछ और बोल।"

– "नाइस गाय नाम की कोई चीज नहीं होती।"

– "कोई लड़की भी नरभक्षी हो सकती है।"

– "हमारा फ्यूचर लगातार छोटा होता जा रहा है।"

– "फिलहाल मैं सिंगल हूँ, वैसे बहुत से आए और गए।"

– "पहला प्यार ही सच्चा प्यार होता है… यह जरूरी नहीं?"

– "प्यार वक्त के साथ मजबूत होता जाता है, और हाँ—एक महीने में प्यार नहीं, गलतफहमी हो सकती है।"

– "सक्सेसफुल रिलेशनशिप की निशानी है गलतफहमियाँ।"

इस फिल्म का ट्रेलर जैसा है, वैसी ही पूरी फिल्म है। 20–25 बार ट्रेलर देख लो तो लगेगा फिल्म देख ली। अगर पार्टी वाइब, म्यूजिक, कृति का ग्लैमर और हल्का रोमांटिक एंटरटेनमेंट पसंद है तो थिएटर जा सकते हैं। लेकिन डीप इमोशंस और परफेक्ट प्लॉट की उम्मीद थोड़ी कम रखें।

देखनीय लव स्टोरी।

 



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