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एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, पहली बार जीता गोल्ड

स्पोर्टस            Oct 02, 2026


मल्हार मीडिया डेस्क।

भारत की महिला हॉकी टीम ने 2026 एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। 1982 के बाद पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीती है।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। मैच के आखिरी पलों में 1-0 से पीछे चल रही चीन की टीम ने बराबरी के लिए बड़ा दांव खेलते हुए अपने गोलकीपर को मैदान से हटा दिया और एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ हमला तेज कर दिया। चीन ने भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और सर्कल के बाहर फ्री हिट भी हासिल की, लेकिन भारतीय टीम ने आखिरी तक अपनी बढ़त कायम रखी।

चीन ने गोलकीपर हटाकर बढ़ाया दबाव

मुकाबले के अंतिम चरण में चीन ने हर संभव कोशिश करते हुए गोलकीपर को मैदान से बाहर कर दिया। उसकी जगह अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी को उतारा गया, ताकि आक्रमण में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा सके और भारत के डिफेंस को लगातार दबाव में रखा जा सके। चीन को इस रणनीति के बाद फ्री हिट का मौका भी मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने स्थिति को संभाल लिया। भारत ने चीन को बराबरी का गोल नहीं करने दिया और 1-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

लालरेमसियामी ने दिलाई थी बढ़त

भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबाव बनाया था। 10वें मिनट में अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं लालरेमसियामी ने मैदानी गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन टीम दूसरा गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में चीन ने आक्रामक खेल दिखाया। उसे बराबरी का बड़ा मौका पेनल्टी स्ट्रोक के रूप में मिला, लेकिन अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन को गोल से रोक दिया।

 44 साल बाद भारत ने जीता स्वर्ण

इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल से चले आ रहे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 1982 में दिल्ली एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण जीता था। भारत 1998 और 2018 में भी फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन दोनों बार उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अब चीन को हराकर भारत ने फिर से एशियन गेम्स का स्वर्ण अपने नाम किया है।

 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का

एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। इस तरह चीन के खिलाफ 1-0 की जीत भारत के लिए दोहरी कामयाबी लेकर आई।

दूसरे क्वार्टर में चीन का आक्रमक खेल

चीन ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार भारत पर दबाव बनाए रखा। चीन ने तब राहत की सांस ली, जब उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला। चीन के लिए बराबरी हासिल करने के यह शानदार मौका था, लेकिन भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने दमदार बचाव कर चीन को बराबरी करने से रोका। इसके बाद भी चीन का आक्रामण जारी रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन कर चीन की हर कोशिश को नाकाम किया। दूसरे क्वार्टर में भारत अधिक डिफेंसिव होकर खेल रहा था। हाफ टाइम तक भारत 1-0 से आगे रहा।

भारतीय टीम ने चीन के खिलाफ पहले क्वार्टर से दबाव बनाया। बलजीत कौर को छठे मिनट में ग्रीन कार्ड मिला। लेकिन भारत ने चीन पर दबाव बनाया और भारत के लिए 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में मैदानी गोल दागा। इस तरह भारत ने शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त बनाई। भारत को इसके बाद पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय टीम बढ़त दोगुना करने से चूक गई। हालांकि, पहला क्वार्टर समाप्त होने तक भारतीय टीम बढ़त बनाए रखी।

भारत और चीन के बीच एशियन गेम्स में महिला हॉकी का फाइनल एक घंटे विलंब से शुरू हुआ क्योंकि टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई। एक अधिकारी ने बताया कि रास्ते में एक हादसे की वजह से यह जाम लगा था हालांकि इसका टीम बसों से कोई सरोकार नहीं था। इस जाम की वजह से खिलाड़ी स्टेडियम देर से पहुंचे। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होना था, लेकिन ये 4:30 बजे से शुरू हुआ।

भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था। उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते, जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे।

भारत की शुरुआती प्लेइंग-11

बिच्छु देवी खारीमबम (गोलकीपर), सलिमा टेटे (कप्तान), नवनीत कौर, निक्की प्रधान, दीपिका, लालरेमसियामी, नेहा, ज्योति, सुशीला चानू, इशिका चौधरी, सुनेलिता टोपो।

सब्स्टीट्यूट: शिल्पी दास, सविता (गोलकीपर), इशिका, साक्षी राणा, ऋतुजा डाडासो, पिसल लाथांलुआंगी, बलजीत कौर।

 



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