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फिल्म समीक्षा : एकता कपूर, हम मेंटल हैं क्या

पेज-थ्री            Jul 27, 2019


डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
एकता कपूर और फिल्म बनाने वाली टीवी चैनल कंपनी से दर्शकों का सवाल है कि मेंटल हैं क्या? जो ऐसी फिल्में हमें झिलवाने पर आमादा हो।

इसे एक्शन, सस्पेंस, थ्रिलर फिल्म बताया जा रहा है। फिल्म में राजकुमार राव, कंगना रनौत और 10-12 कॉकरोचों ने अच्छा काम किया है।

हालांकि टाइटल के दौरान यह दिखाया गया है कि फिल्म बनाने के दौरान असली कॉकरोच इस्तेमाल नहीं किए गए, बल्कि ग्रॉफिक्स का इस्तेमाल किया गया।

फिल्म में कंगना रनौत को कागज के काॅकरोच बनाते हुए भी दिखाया गया है। वह भी तब जब कंगना को काॅकरोच से चिढ़ रहती है।

कंगना रनौत (बॉबी) एक वाइसओवर आर्टिस्ट है। बचपन की दुर्भाग्यशाली घटनाओं के कारण उसे एक्यूट सायरोसिस नामक बीमारी हो जाती है, जो एक तरह का मनोरोग है। घर में दो ही सदस्य हैं।

मनोरोगी कंगना और बेहद बूढ़े लाचार से ताऊ, जो उठकर गुसलखाने तक नहीं जा सकते। अब कंगना की आदत है कि वाइसओवर करते वक्त कैरेक्टर में पूरी तरह घुस जाती है। इसी बीच घर में किरायेदार युगल रहने आते हैं।

राजकुमार राव और अमायरा दस्तूर की यह जोड़ी कंगना को खटकती है और वह कुछ ऐसा कर जाती है, जिस कारण उसकी बीमारी के चर्चे होते है। उस पर हत्या के आरोप भी लगते है।

कंगना के ताऊ उसे कजिन के यहां लंदन भेज देते हैं। मनोरोगी होते हुए भी कंगना अकेली यात्रा करती है और लंदन में अपनी कजिन और उसके पति के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर देती है। इस बीच कहानी लंबे-लंबे मोड लेती है।

रामायण के पात्र रावण, सीता, राम, हनुमान और न जाने क्या-क्या फिल्म में चले आते हैं। रामायण में नाटक फिल्माने वाले निर्देशक जिमी शेरगिल के साथ भी कंगना अपनी बीमारी के अनुरूप बर्ताव करती है और फिल्म का अंत चमत्कारिक रूप से अलग मोड़ पर पहुंच जाता है।

इंटरवल के पहले फिल्म में कॉमेडी के सीन जोड़े गए है। काॅमेडी भी ए सर्टिफिकेट वाली। पहले फिल्म का नाम मेंटल है क्या रखा गया था, जिस पर इंडियन साइक्रेटिक सोसायटी (आईपीएस) ने आपत्ति की थी।

इस कारण मेंटल की जगह जजमेंटल कर दिया गया। फिल्म में राजकुमार राव की प्रमुख भूमिका है। कंगना रनौत ने मणिकर्णिका से कमतर भूमिका निभाई है।

एकता कपूर की बालाजी फिल्म्स के प्रवक्ता ने कहा था कि यह फिल्म मेंटल हेल्थ से जुड़ी हुई है। फिल्म देखो तो लगता है कि हां इस फिल्म का नाता मेंटल हेल्थ को लेकर जरूर है।

फिल्म की खूबी यही है कि यह 122 मिनट की ही है। एक बात अवश्य कही जा सकती है कि इस फिल्म में कंगना ने नेचुरल एक्टिंग की है। नेचुरल बोले तो केवल नेचुरल।

 



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