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राकेश दुबे।देश में राजनीतिक हलचलों के साथ जातिगत जनगणना की मांग भी जोर पकड़ रही है| आंध्र प्रदेश विधानसभा में  कानून बनाकर सभी नामित पदों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा पहले...
Dec 10, 2021

संजय स्वतंत्र।पिछले दिनों एक कविता लिखी जो करोड़ों की पाठक संख्या वाली वेबसाइट जनसत्ता डॉट काम पर प्रकाशित हुई और फिर यहां इस मंच पर साझा हुई। ‘उसकी आखिरी ख्वाहिश’ शीर्षक...
Dec 09, 2021

हेमंत कुमार झा। 70 के दशक तक आम लोगों की जुबान पर प्रायः दो नाम रहते थे टाटा और बिड़ला। अक्सर कयास लगाए जाते कि इन दोनों में से किसके पास अधिक संपत्ति है।...
Dec 09, 2021

राकेश कायस्थ। अस्सी के दशक के आखिरी साल थे। बहुत लंबे हाँ-ना के बाद हमारे यहां टीवी लाया गया था। लेकिन जल्द ही पिताजी ने महसूस किया कि टीवी देखने की...
Dec 04, 2021

हेमंत कुमार झा।बीबीसी को पिछले साल दिये एक इंटरव्यू में यशवंत सिन्हा ने बताया कि वे प्रशासनिक सेवा छोड़ने का मन पहले ही बना चुके थे और जब वे अपनी सेवा अवधि...
Nov 28, 2021

संजय स्वतंत्र।चलिए चलते हैं एक ऐसे न्यूज चैनल में, जो देश का बड़ा न्यूज नेटवर्क है। कहते हैं, इसका न्यूजरूम एशिया में सबसे बड़ा है। यहां पूरे दमखम के साथ काम...
Nov 08, 2021

हेमंत कुमार झा।कारपोरेट परस्त सत्ता के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान सिर्फ अपनी लड़ाई ही नहीं लड़ रहे, वे अपने दौर की राजनीतिक विकृतियों से भी लड़ रहे हैं। उन विकृतियों से, जिनसे...
Nov 08, 2021

राकेश दीवान।‘भाईजी’ यानि सलेम नानजुंदैया सुब्बराव यानि एसएन सुब्बराव को याद करूं तो करीब पचास साल पहले, विनोबा की मौजूदगी में अल-सुबह सुना कबीर का ‘झीनी रे चदरिया’ भजन याद आता है। उन दिनों (1974...
Nov 08, 2021

हेमंत कुमार झा।हमारे देश के रहनुमा भले ही सब कुछ बाजार के हवाले करने पर आमादा हैं, लेकिन, वक्त बदल रहा है, बाजार के प्रति दुनिया की सोच बदल रही है। जिन नीतियों...
Oct 21, 2021

अवधेश बजाज।बीते कई दिन से कुछ लिखने का मन ही नहीं हो रहा था। यूं नहीं कि लेखन लायक विचार और लेखन के लायक ही अनाचार सामने नहीं था। विचार यदि प्राकृतिक प्रक्रिया...
Oct 21, 2021