मल्हार मीडिया ब्यूरो।
गृह मंत्रालय (MHA) ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि साल 2025 में कुल 1,03,488 वरिष्ठ नागरिकों और 4,63,114 महिलाओं ने 7,769.63 करोड़ रुपये की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराईं।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक सांसद के प्रश्न के लिखित उत्तर के माध्यम से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी के आधार पर संसद के उच्च सदन को यह जानकारी दी।
राज्य मंत्री ने NCRP पर उपलब्ध आंकड़े भी साझा किए, जिनमें बताया गया है कि 2025 में कुल 1,03,488 वरिष्ठ नागरिकों ने 4,005.12 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराईं, जबकि 4,63,114 महिलाओं ने 3,764.51 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराईं।
इस प्रश्न के उत्तर में कि ‘क्या एनसीआरपी ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के अनुपात और इन श्रेणियों द्वारा झेली गई हानि की मात्रा का आकलन किया है?’ बांदी ने कहा कि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य के विषय हैं।
तदनुसार, उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम, पता लगाने, जांच और अभियोजन के लिए मुख्य रूप से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UT) जिम्मेदार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय के माध्यम से, साइबर अपराध प्रबंधन और प्रवर्तन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नीतिगत मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण सहायता और वित्तीय संसाधन प्रदान करके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में सहयोग करती है।
शिकायतों के लिए NCRP की शुरुआत
राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थापित गृह मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय, आई4सी (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के एक भाग के रूप में NCRP की शुरुआत की गई है, ताकि जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सके, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आई4सी के तहत नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) को 2021 में वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और जालसाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए शुरू किया गया था।
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