राकेश कायस्थ।
बिहार में फिर से नीतिशे कुमार हैं लेकिन इस बार बहुत ज्यादा और सचमुच बीमार हैं। नीतीश कुमार जितने बीमार हैं, उतनी ही बीमार पूरी हिंदी पट्टी है। क्या दोनों की...
सुनील कुमार गुप्ता।
हमें एक अच्छा संविधान मिला है, पर यह हमारे नेताओं पर निर्भर करता है कि वो कैसे संविधान को आगे बढ़ाएं। वो अच्छे संविधान को बुरा बना सकते...
शैलेष तिवारी।
इसे हम अपनी खुशनसीबी कहें या बदनसीबी कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में घट रही उस घटना के हम गवाह हैं जिसमें विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल दर...
राकेश कायस्थ।
राहुल गाँधी के जन्मदिन पर मैंने एक लंबा पोस्ट लिखा था, जिसका केंद्रीय सवाल ये थे कि राहुल गाँधी क्या बनना चाहते हैं, गाँधी या इंदिरा? सवाल इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि...
डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
टी 20 मैच में उतना मज़ा नहीं आ रहा, जितना बिहार चुनाव में आ रहा है !
तेजस्वी यादव महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा हैं। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष...
ओम प्रकाश।
भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे वुमेन वर्ल्ड कप में एक खेल पत्रकार होने के नाते आपने अब तक क्या-क्या नोटिस किया? क्या कभी यह बात आपके दिमाग में आई...
राकेश कायस्थ।
क्या चंटपना चकरम चिरकुट किसी गणराज्य का जीवन मूल्य हो सकता है? लेकिन क्या कोई कल्पना कर सकता था कि पांच हज़ार साल के गौरवशाली इतिहास और 140 करोड़...
डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
कोई मैच हो, फिल्म हो या कंपनी हो, एक गलती तबाह कर देती है। एक गलती बता देती है कि आप भीतर से क्या हो? सिर्फ एक गलती किसी की...