मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्यप्रदेश की राजधानी का भोपाल नगर निगम प्रदेश का पहला निगम बन गया है, जिसने केंद्र सरकार के 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया है।
आज मंगलवार 25 मार्च को महापौर मालती राय की अध्यक्षता में हुई मेयर इन कौंसिल (एमआइसी) बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को वन नेशन-वन इलेक्शन पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
इसमें सुझाव दिया गया कि देश में दो चरणों में चुनाव कराए जाएं पहले चरण में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हों और दूसरे चरण में 100 दिनों के भीतर पंचायत व नगर निकाय चुनाव संपन्न कराए जाएं। इस रिपोर्ट के समर्थन में भोपाल नगर निगम ने प्रस्ताव पारित किया।
महापौर मालती राय ने कहा कि इस प्रणाली से चुनावी खर्च कम होगा, विकास कार्यों में तेजी आएगी और सरकारी कर्मचारियों को बार-बार चुनावी ड्यूटी से राहत मिलेगी। एमआइसी के सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।
एमआइसी बैठक में सात प्रस्ताव पारित किए गए। नगर निगम के नए मुख्यालय भवन के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मेसर्स संहिता कंस्ट्रक्शन कंपनी को 30 अप्रैल 2025 तक का एक्सटेंशन दिया गया। फतेहगढ़ काम्प्लेक्स निर्माण के लिए सुप्रीम बिल्डकान को 20 सितंबर 2025 तक का एक्सटेंशन मिला। करोंद स्थित जोन-17 में स्टार्म वाटर ड्रेन के निर्माण के लिए 31 मार्च 2025 तक की अवधि बढ़ाई गई।
बैरागढ़ में एचएफए प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स टेक्नोक्राफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को 16 जून 2025 तक का एक्सटेंशन दिया गया। इसके अलावा, जवाहर चौक टीन शेड के पांच रहवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने, इंदौर रोड पर विक्रमादित्य गेट बनाने और कार्यपालन यंत्री के रिक्त पदों पर पदोन्नति को भी मंजूरी दी गई।
इधर स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए दिल्ली से आइ टीम ने नगर निगम के जोन 7, 9 और 13 का सर्वे पूरा कर लिया है। अब टीम जोन 16 और 17 के इलाकों का निरीक्षण कर रही है। जोन 16 में स्थित भानपुर खंती पर टीम ने मंगलवार की शाम को सर्वे किया, लेकिन रात होने के कारण यह अधूरा रह गया। बुधवार को टीम पूरे दिन भानपुर खंती का सर्वे करेगी। यह बंद खंती नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे निगम को अच्छे अंक मिलने की उम्मीद है।
अब तक टीम 120 से अधिक स्थानों का दौरा कर चुकी है। इसमें जोन एक, दो, चार, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13, 14, 16, 17, 18 और 19 के वार्ड शामिल हैं। इनमें से जोन सात, आठ, नौ, 13 और 18 का सर्वे पूरा हो चुका है। टीम निगम के दावों की जांच कर रही है और फोटोग्राफ को आनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर रही है। निरीक्षण का मुख्य फोकस पार्क, सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालय, बैकलेन, फुटपाथ और तालाब हैं। अब टीम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की जांच करेगी, जो निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। टीम यह जानना चाहती है कि एसटीपी से निकले ट्रीटेड पानी का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। इस सर्वेक्षण के नतीजे नगर निगम की स्वच्छता रैंकिंग को प्रभावित कर सकते हैं।
Comments