मल्हार मीडिया डेस्क
थिंक टैंक का गठन आमतौर पर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय नहीं है. लेकिन हाल में ही पाकिस्तान-चीन के साझा संस्थान के गठन पर भारत में ख़ूब चटखारे लिए गए। 'रिसर्च एंड डेवलवमेंट इंटरनेशनल' या आरएएनडीआई (RANDI) चीन और पाकिस्तान को जोड़ने वाले व्यापारिक प्रोजेक्ट चीन पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरिडोर पर केंद्रित होगा. कुछ ही देर में #RANDI यह ट्विटर पर टॉप ट्रेंड बन गया।
इस शोध संस्धान का ऐलान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आज से शुरू हो रही पाकिस्तान यात्रा से पहले किया गया है। भारतीयों ने इस शब्द को तुरंत लपक लिया और मज़ेदार ट्वीट्स पोस्ट किए जाने लगे।
सिद्धार्थ गोयल ने ट्वीट किया : तो पाकिस्तान के हालात इतने ख़राब हो गए हैं. अब उन्हें आर्थिक विकास के लिए किसी #RANDI पर निर्भर करना पड़ रहा है। जिनपिंग के दौरे को लेकर पाकिस्तान में उत्साह है।
अंकुर अग्रवाल ने ट्वीट कियाः पाकिस्तान अब अधिकारिक रूप से चीन की #RANDI ह।
प्रतीक सिंह ने लिखाः तो आप मुझे यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन पाकिस्तान थिंक टैंक में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे #RANDI के मायने ना पता हों। हालांकि कुछ पाकिस्तानियों ने इस नाम का बचाव भी किया। पाकिस्तान डिफ़ेंस नाम के यूज़र ने जवाब दिया, "समस्या इस शब्द में नहीं बल्कि तुम्हारे पूर्वाग्राही विचारों में है।
एक अन्य ट्वीट में पाकिस्तान डिफ़ेंस ने कहा, "हर कोई तुम्हारे देशवासियों की पुरुषवादी सोच को पचाने की क्षमता नहीं रखता है। इसी बीच पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की रिश्तेदार और चर्चित लेखिका फ़ातिमा भुट्टे ने कहा, "यह एक थिंक टैंक का दुर्भाग्यपूर्ण नाम है।
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