डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
जॉली एलएलबी 3 दर्शकों को कोर्टरूम में ले जाकर हंसाती है, सोचने पर मज़बूर कराती है, व्यवस्था की पोल खोलती है, आगाह कराती है और न्याय पाने लिए प्रेरित कराती...
डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
कोई मैच हो, फिल्म हो या कंपनी हो, एक गलती तबाह कर देती है। एक गलती बता देती है कि आप भीतर से क्या हो? सिर्फ एक गलती किसी की...
डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी।
मलयालम फिल्मों के निर्देशक रोशन एंड्रूज चले तो थे दृश्यम या सिंघम जैसी फिल्म बनाने, लेकिन बन गई कबीर सिंह जैसी फिल्म! यह वैसा ही है जैसे कि घरों...
डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी।
दशकों पहले मैं कभी सुनील दत्त साहब से मिला था, तब एक पार्षद उनके साथ था, वह बाबा सिद्दीकी था। मुझे वह दत्त साब का मामूली छर्रा लगा था पर,...
प्रकाश भटनागर।वह दूरदर्शन के देशव्यापी प्रसारण का आरम्भिक दौर था। प्रसारण में रह-रहकर तकनीकी खामी आ जाती थी। तब स्क्रीन पर लिखा आता, ‘रुकावट के लिए खेद है।’ उस समय का एक बच्चा याद...