
डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी।
लोहड़ी, संक्रांति और पोंगल के मौके पर रिलीज हुई प्रभास की फिल्म 'द राजा साब' एक ऐसी हॉरर-कॉमेडी-फैंटेसी है, जिसका हॉरर डराता नहीं, कॉमेडी हंसाती नहीं, एक्शन रोमांचित नहीं करता और गाने गुनगुनाने का मन नहीं करता।
बड़े बजट वीएफएक्स के बावजूद तेलुगु और हिन्दी में बनी राजा साब प्रजा से दूर-दूर ही लगती है। 3 घंटे 10 मिनट की इस फिल्म का क्लाइमैक्स ही आधा घंटा चलता है!
फिल्म में प्रभास, संजय दत्त, निधि अग्रवाल,मालविका मोहनन ,रिद्धि कुमार, जरीना वहाब,बोमन ईरानी आदि और जादू टोना, भूत-भभूत, पिशाच, जादू-टोना सब है, लेकिन कहानी ऐसी कि इस राजा साब से प्रजा खुश नहीं लगती !
प्रभास पहली बार इस तरह के कॉमेडी जॉनर में नजर आए हैं। प्रभास ने अपना पुराना 'डार्लिंग' वाला मजेदार, कॉमिक और स्वैगी अंदाज लाने की कोशिश की है। पहला हाफ उनके कॉमिक टाइमिंग, डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस से धक जाता है, लेकिन पुरानी फार्मूला फिल्मों का अंदाज़ बढ़िया वीएफएक्स के बावजूद फिल्म में वह जान नहीं डाल पाया, जिसकी अपेक्षा थी।
फिल्म के सेट्स (खासकर हवेली और पैलेस) दुनिया के सबसे बड़े इंडोर सेट्स में से एक हैं। कलर्स, लाइटिंग और कुछ सीक्वेंस हॉलीवुड लेवल के लगते हैं। भूत/एक्सॉर्सिस्ट वाला संजय दत्त का किरदार सरप्राइज है। उनका और प्रभास का फेस-ऑफ, इंटरवल ब्लॉक और कुछ हॉस्पिटल-क्लाइमेक्स सीन सबसे मजबूत हिस्से हैं लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और टोनल इम्बैलेंस फिल्म में नज़र आता है। हॉरर + कॉमेडी + रोमांस + इमोशन भी क्लिक नहीं करता। कहानी में लॉजिक की कमी, कई सीन तो बेमानी और सिली लगते हैं। दूसरा हाफ ड्रैग करता है, कई जगह बोरिंग हो जाता है। प्रभास के फ्लर्टिंग सीन या दोस्तों के साथ मस्ती वाले जोक्स इतने पुराने और फोर्स्ड हैं कि थिएटर में हंसी की बजाय सिर्फ सन्नाटा या हल्की मुस्कान आती है।
डायरेक्शन पुरानी टेम्पलेट वाली लगती है। कहानी में डेप्थ नहीं, सब कुछ प्रभास के स्टार पावर पर टिका है लेकिन प्रभास की एंट्री सुस्त है, प्रभावहीन! प्रभास तेलुगु फिल्म वाले अंदाज में हैं। भूत-प्रेत या सुपरनैचुरल इफेक्ट्स वाले कई सीन इतने सस्ते और कार्टूनी लगते हैं कि डर की जगह हंसी छूट जाती है।
टालनीय फिल्म है राजा साब !
नकली करेंसी के खिलाफ कार्रवाई में 49 हजार के नोट, प्रिंटर सहित 2 आरोपी गिरफ्तार
मध्यप्रदेश की बड़वानी पुलिस ने नकली करेंसी तैयार कर उसे प्रचलन में लाने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर से सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम ने तत्काल समन्वय स्थापित करते हुए मटली की ओर से आ रहे एक सफेद वाहन की घेराबंदी की और तलाशी के दौरान आरोपियों से 500 रूपए के कुल 98 नकली नोट बरामद किए है, जिनके संबंध में पूछताछ करने पर यह तथ्य सामने आया कि नकली नोटों को जिले में ही स्थित एक कियोस्क सेंटर पर रंगीन प्रिंटर–स्कैनर की सहायता से अत्यंत सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कियोस्क सेंटर से उच्च गुणवत्ता वाला रंगीन प्रिंटर–स्कैनर, कटिंग से जुड़ी सामग्री, कैंची, टेप तथा 500 और 100 रूपए के मूल नोट जप्त किए है।
आरोपी नकली करेंसी को सामान्य बाजार में चलन में लाकर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया। थाना पलसूद में संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया है।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध गतिविधि में और कितने लोग शामिल हैं तथा क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े गिरोह से है।
Comments