ध्रुव शुक्ल।
जिन बोलियों से मिलकर हिन्दी बनी, उनमें एक बुन्देली बोली भी है। इस बोली में ही कवि ईसुरी की कविता बसी हुई है। उनकी रची फागें बुन्देली अंचल में...
पवन विजय।
होली आई रे कन्हाई रंग बरसे सुना दे जरा बांसुरी, इस गीत में शमशाद बेगम ने जो माधुर्य घोला है उसका कोई सानी नहीं। यह गीत हिंदी फिल्म संगीत का नायाब गीत है...
कीर्ति राणा।
अपनी विशिष्ट गायन शैली के कारण ‘संगीत का कबीर’ उपनाम से भी पहचाने जाने वाले संगीत मनीषी पं. कुमार गंधर्व (देवास) की पुत्री शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली को वर्ष 2023 के...
अनिरुद्ध दुबे।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ की दो बड़ी कला हस्तियों पूनम तिवारी एवं समप्रिया पूजा निषाद को सम्मानित करने की घोषणा की है। पूनम को संगीत नाटक...
मल्हार मीडिया ब्यूरो।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के गुरु—प्रशिक्षक, नर्तक, कला मर्मज्ञ और कलानुरागियों के महाकुंभ 50वां खजुराहो नृत्य समारोह के छठवें दिन भी विविध कलाओं का संगम देखने को मिला। सुबह का आगाज जहां...
मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्य प्रदेश की बोलियों के इतिहास पर लिखी गईं किताबों की आजकल युवाओं में भारी मांग है। इसके पीछे कारण नई पीढ़ी में अपनी जड़ों से जुड़ने की ललक और लोक साहित्य...
मल्हार मीडिया भोपाल।
मध्यप्रदेश संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का उजास 20 फरवरी से...
मल्हार मीडिया डेस्क।
'पचपन खम्भे लाल दीवारें' "उषा प्रियंवदा" द्वारा लिखा गया एक महिला केंद्रित उपन्यास है, जिस पर यह धारावाहिक आधारित है।
दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक जिसमें "मीता वशिष्ठ" और "अमन वर्मा" 'सुषमा' एव...
रजनीश जैन।
खजुराहो के शेष बचे हुए चंदेल कालीन 24 मंदिरों में से कुछ मंदिरों के गर्भगृहों में प्रतिष्ठित मुख्य विग्रह (प्रतिमाएं) सुरक्षित हैं। जैसे कि सबसे विशाल शिवमंदिर कंदरिया महादेव का मुख्य...