डॉ.प्रकाश हिन्दुस्तानी।
जब भी एनिमल प्लेनेट या डिस्कवरी जैसे चैनल पर वन्य जीव-जंतुओं को देखता हूं; तब बब्बर शेर, तेंदुए और बाघ की हिंसक छवियों को देखकर विचलित हो जाता हूं।
प्रकृति की...
हाफिज किदवई।
हम जीतकर रो क्यों देते हैं? वह आंखे,जो हमेशा लक्ष्य पर टिकी होती हैं, जब लक्ष्य को प्राप्त करती हैं, तो छलक क्यों पड़ती हैं। मुझे जीतने के बाद झरते आँसुओं में छिपे...
कीर्ति राणा इंदौर।
25 सितारवादकों के (पोट्रेट) अपनी धुन बजाने में ध्यानस्थ थे और इन के बीच मुस्कुराती स्व दीपा बंसोड़ को समर्पित श्वेत श्याम चित्रों वाले कैलेंडर का जब कलाकर्मी शुभा वैद्य से तनवीर...
मल्हार मीडिया भोपाल।
‘पहली तारीख़’ कार्यक्रम एक मासिक कला और संवाद उत्सव है, जो श्रोताओं को कला, साहित्य और संगीत के माध्यम से जोड़ने का प्रयास करता है। इस बार कार्यक्रम में रितेश गोहिया और...
मल्हार मीडिया डेस्क।
जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय कैंपस में पांच हजार की तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी बिरजू जी द्वारा लगाए गए 2714 पौधे बने वृक्ष और बेमिसाल हरित क्रांति का उदाहरण।
राजस्थान विश्वविद्यालय में एक...
ममता मल्हार।
कृष्ण से श्रीकृष्ण बनना आसान नहीं रहा कभी उनके लिये जबकि वे अवतार थे, भगवान थे।
एक नजर में देखें तो श्रीकृष्ण को जगतगुरु कहना तो आसान है एक...
पंकज शुक्ला।
यूं तो दाग दहलवी ने कहा है, ‘‘हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़', जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं।’’
लेकिन यहां कुछ रद्दोबदल कर कहना चाहूंगा कि...
बांधवगढ़ से नवनीत धगट।
मध्यप्रदेश के उमिरया जिले में स्थित टाइगर रिजर्व के ताला जोन में बांधवगढ़ पहाड़ की लगभग आधी ऊंचाई पर खुले आकाश के नीचे, सघन जंगलों के बीच, एक ही बलुआ...
ध्रुव शुक्ल।
आम चुनावों के बीच विश्व विख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर की घनीभूत याद आ रही है और याद आ रहा है उनका रचा नाटक --- 'चरणदास चोर', जिसने सच की खातिर अपनी...