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वीथिका

पुस्तक समीक्षा ममता यादव बिंदास और खिलंदड़पने में व्यवस्था पर चोट करने वाली बात कहने और फिर उसे शब्दों में पिरोने का हुनर विरले व्यक्तियों...
Jan 16, 2015

कुंवर समीर शाही आजकल बधाइयों और शुभकामनाओं का बाज़ार सर्वत्र फल-फूल रहा है। हर कोई बधाइयों और औपचारिकताओं की नदियों में बिना रुके बहता ही चला जा रहा है। बधाइयां और शुभकामनाएं जाने कितने पर्यायवाचियों...
Jan 16, 2015

अयोध्या से कुंवर समीर शाही वैसे तो अंग्रेजों और दूसरे विदेशी आक्रमणकारियों ने ‌हिंदुस्तान का जैसे हो सका शोषण किया, परंतु अंग्रेजों ने यहां बहुत अच्छे काम भी किए थे, जिनमें एक सराय एक्ट भी...
Jan 15, 2015

इंदु पांडेय "दुनिया की हर लड़की मेरी मां-बहन है, एक को छोड़ कर." ऐसा कहना है दिल्ली के शाहपुर जाट मे रहने वाले रंजीत का .नाम भी फ़िल्मी. काम भी फ़िल्मी. उनकी ज़िंदगी की कहानी...
Jan 13, 2015

संस्कृत में ज्यादातर लोगों का हाथ तंग से भी तंग होता है, लेकिन इस रचना को पढ़कर लगता है कि नहीं अभी संस्कृत के मामले में इतनी तंगी भी नहीं आई है। गौर फरमायें इस...
Jan 12, 2015

भोपाल, एजेंसी। राजधानी भोपाल का गुलाब उद्यान इन दिनों तरह-तरह के गुलाबों से गुलजार है, और यहां आ रहे बागवानी और पर्यावरण प्रेमियों को यह गुलाब गदगद कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन सैलानियों...
Jan 11, 2015

डॉ.लक्ष्मीनारायण पांडे हर आम और खास को सूचित किया जाता है विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि नपुंसक व्यवस्था के सौजन्य से हमारे आसपास मौत पसर रही है, राजाज्ञा से भूख भय और महामारी...
Jan 10, 2015

संजय जोशी 'सजग सीजन प्रधान देश में शादियों का सीजन चल रहा है शादियां अब कहां रही सादी, पुराने लोग कहते थे बर्बादी ,सही आज यह बात सच साबित हो रही है शादी में अंक...
Jan 10, 2015

नजर-ए-यार आज दिल कहता है फिर उसको याद किया जाये। उसके इंतजार का गुनाह फिर क्यां न किया जाये।। फिर से रंग भरें सोई हुई तमन्नाओं में। क्यां न उदास लम्हों को फिर बहार किया...
Jan 09, 2015

अयोध्या से कुंवर समीर शाही यह जानना रोचक है कि अयोध्या भगवान राम की नगरी के रूप में गौरवान्वित होने के साथ साझी विरासत की नगरी है। यहां भगवान राम और उनकी उपासना परंपरा रग-रग...
Jan 08, 2015