मल्हार मीडिया ब्यूरो।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आईएफएस अधिकारी निधि तिवारी की नियुक्त को मंजूरी दी है।
DoPT की तरफ से जारी आदेश के अनुसार निधि तिवारी वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव के रूप में कार्यरत थीं लेकिन अब उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में की गई है।
निधि तिवारी 2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह नवंबर 2022 से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थीं।
इससे पहले, उन्होंने विदेश मंत्रालय के डिसआर्मामेंट एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी अफेयर्स डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।
निधि तिवारी ने अपने करियर की शुरुआत सिविल सेवा परीक्षा 2013 में उत्तीर्ण करके की थी। इस परीक्षा को पास करने से पहले वह वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर कार्यरत थीं और नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी भी की थी।
पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, निधि तिवारी ने ‘विदेश और सुरक्षा’ वर्टिकल में काम किया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करता है। इस दौरान उन्होंने विदेश मामलों, परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा मामलों और राजस्थान राज्य से संबंधित मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान दिया।
पीएमओ में उनके तीन साल से अधिक के अनुभव ने उन्हें इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए तैयार किया है।
कैसे हुई नियुक्ति?
निधि तिवारी की नियुक्ति की प्रक्रिया कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) द्वारा संचालित की गई। 29 मार्च 2025 को जारी एक आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और निधि तिवारी अब पे मैट्रिक्स के लेवल 12 पर प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में कार्य करेंगी। यह नियुक्ति सह-अवधि के आधार पर की गई है, यानी यह तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि वह इस पद पर बनी रहेंगी या अगले आदेश तक।
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