Breaking News

खरी-खरी

हेमंत कुमार झा।हम भले ही पढ़ने से इन्कार करें लेकिन वक्त की दीवार पर डरावनी इबारतें लिखी जा चुकी हैं। हम दोष दे सकते हैं वक्त के दौर को, लेकिन किसी को दोष देने...
Jun 14, 2019

ममता यादव।सोशल मीडिया पर फैली साम्प्रदायिक वैमनस्यता की गंदगी को नजरअंदाज करके देखें तो इसमें कोई शक नहीं कि मध्यप्रदेश के लोगों और यहां की पत्रकारिता ने अमन चैन को कायम रखा हुआ है...
Jun 14, 2019

हेमंत कुमार झा।राष्ट्रवाद का निजीकरण से प्यार देख कर मन गदगद है। आजकल दुनिया की प्रायः तमाम राष्ट्रवादी सरकारों का यही हाल है। वे "देश पहले" का नारा दे कर सत्ता में आती हैं...
Jun 08, 2019

महेश दीक्षित।बाबूलाल गौर जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब वे सिर्फ भोपाल के मुख्यमंत्री कहलाते थे...और अब जब कमलनाथ मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो वे सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री कहलाते हैं। वजह, नाथ पांच...
Jun 06, 2019

प्रकाश भटनागर।दो एक समान गतिविधियों के बीच से भी आप साफ अंतर ढूंढ निकाल सकते हैं। फिर यह मामला तो फर्क ढूंढने के लिहाज से शीशे की तरह साफ है। बात मोबाइल फोन का स्पीकर...
Jun 05, 2019

प्रकाश भटनागर।कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन तीन बातें उनके पक्ष में नहीं गयी। पहली, बहुमत के किनारे पर जाकर उनकी सरकार अटक गई। जाहिर सी बात है, तलवार की नोक पर चलने...
Jun 03, 2019

राकेश दुबे। पुन: पदारूढ़ मोदी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किसान और व्यापारियों के लिए लुभावनी घोषणाएं की है। लगता है सरकार अपने पिछले कार्यकाल पर नजर डालना भूल गई है। सांख्यिकीय...
Jun 01, 2019

राकेश दुबे।चुनाव हो गये नतीजे आ गये अब तो मोहनदास करमचंद गाँधी को बख्शिए। हर बार चर्चा में गाँधी और उनकी हत्या करने वाले गोडसे की चर्चा उठाकर हम समाज में क्या संदेश देना...
May 25, 2019

आशीष चौबे,भोपाल। आम चुनाव के अप्रत्याशित परिणाम सामने हैं। देश के बुद्धिजीवी और ज्ञानवान पत्रकार जीत की वजह तलाशते हुए उलट—पुलट हो रहे हैं। फैसला तो गुरु जनता जनार्दन का है। राहुल गांधी,ममता बनर्जी,नायडू...
May 24, 2019

ममता यादव।इस बार वोट जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्म, अगड़ा-पिछड़ा से ऊपर उठकर डाले गए हैं। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इसे अच्छा संकेत माना जाना चाहिए मगर कई बुद्धिजीवियों टाईप प्राणियों को बात पच नहीं...
May 24, 2019